रेवाड़ी के CRPF जवान की मौ*त से सदमे में परिवार
रेवाड़ी के CRPF जवान सतीश की अनंतनाग में गोली लगने से मौत हो गई। पत्नी ने बताया कि वह बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे और कभी तनाव में नजर नहीं आए।
रेवाड़ी के CRPF जवान की मौत से परिवार सदमे में
पत्नी बोलीं- बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे सतीश
परिजनों ने कहा- सुसाइड जैसी सोच भी नहीं सकते थे
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव मामड़िया आसमपुर निवासी CRPF जवान सतीश की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। जवान की पत्नी सुमन ने बताया कि घटना वाले दिन भी उनकी पति से सामान्य बातचीत हुई थी और उन्होंने कभी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि वह किसी तनाव में हैं।
सुमन ने बताया कि बृहस्पतिवार को अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान सतीश ने सबसे पहले बच्चों की पढ़ाई और बेटे की क्रिकेट कोचिंग के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब ड्यूटी पर जाना है, वापस आकर फिर बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि सतीश दिन में दो से तीन बार फोन पर बात करते थे। परिवार के मुताबिक वह बेहद सकारात्मक स्वभाव के इंसान थे और सुसाइड जैसी सोच भी कभी उनके मन में नहीं आ सकती थी।
सतीश का परिवार पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहा है। पिता की मौत के बाद उनकी मां भी करीब एक साल से दिल्ली में ही रह रही थीं। परिवार में बड़ा बेटा आकाश आठवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि बेटी भावना छठी कक्षा की छात्रा है। छोटा बेटा अमन अभी स्कूल जाना शुरू ही कर रहा था।
परिजनों के अनुसार सतीश अपने बेटे आकाश को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने बेटे का दाखिला क्रिकेट अकादमी में करवाया हुआ था। सतीश करीब एक माह पहले छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे।
गांव के सरपंच अशोक कुमार यादव ने बताया कि सतीश बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। जब भी गांव आते थे, सभी से हंसकर मिलते और बातचीत करते थे। पिता के निधन के बाद गांव आना कुछ कम हो गया था, क्योंकि परिवार दिल्ली में रहने लगा था।
जानकारी के अनुसार सतीश की ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की हिलर पोस्ट पर थी। बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे वह ड्यूटी पर गए थे। करीब 7 बजकर 47 मिनट पर पोस्ट से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
मौके पर पहुंचे जवानों ने देखा कि सतीश के सिर में गोली लगी हुई थी और उनकी इंसास राइफल पास में पड़ी थी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक हथियार से अचानक गोली चलने के कारण उनकी मौत हुई।
शुक्रवार शाम गांव मामड़िया आसमपुर में पूरे सम्मान के साथ जवान सतीश का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान गांव में शोक का माहौल रहा।
pooja