हरियाणा में अब घर बैठे पास होंगे भवनों के नक्शे

हरियाणा सरकार ने भवन नक्शा मंजूरी को ऑनलाइन कर दिया है। साथ ही किसानों को फसल के जे-फार्म अब सीधे WhatsApp पर भेजे जाएंगे।

हरियाणा में अब घर बैठे पास होंगे भवनों के नक्शे

हरियाणा में अब घर बैठे ऑनलाइन पास होंगे भवनों के नक्शे

किसानों के WhatsApp पर भेजे जाएंगे फसल के जे-फार्म

नायब सरकार बोली- सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता, घटेगा भ्रष्टाचार

हरियाणा सरकार ने आम लोगों और किसानों को बड़ी राहत देते हुए दो नई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की है। अब प्रदेश में भवन निर्माण के नक्शों की मंजूरी ऑनलाइन मिलेगी, जबकि किसानों को उनकी फसल के जे-फार्म सीधे WhatsApp पर भेजे जाएंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को इन दोनों योजनाओं की शुरुआत की। सरकार का दावा है कि इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और आसान बनेगी।

सरकार ने 25 अप्रैल को रबी खरीद सीजन के दौरान MSP पर बेची गई गेहूं, सरसों और चना की फसलों के जे-फार्म किसानों के WhatsApp पर भेजने की घोषणा की थी। अब इस योजना को लागू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार 6 मई तक प्रदेश के 5 लाख 78 हजार किसानों ने मंडियों में अपनी उपज बेची है। इन किसानों को अब तक 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि यह सुविधा पहली बार शुरू की गई है।

इस नई व्यवस्था के बाद किसानों को जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पड़ेगा। किसानों को WhatsApp पर मिले जे-फार्म के आधार पर 72 घंटे के भीतर फसल भुगतान मिलने में भी सुविधा होगी।

वहीं, भवन निर्माण को लेकर शुरू किए गए हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसके जरिए आम लोग घर बैठे प्लॉट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

पहले चरण में पुरानी नगर पालिकाओं और कोर क्षेत्रों के प्लांड रिहायशी प्लॉटों के नक्शों की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की गई है। सरकार का कहना है कि इससे समय की बचत होगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नया सिस्टम लागू करने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से 7 मई तक प्रदेश की मंडियों में 84 लाख 18 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इनमें से 83 लाख 75 हजार टन गेहूं के लिए किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका है।

सरकार के अनुसार अब तक 82 लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोमीट्रिक सत्यापन को लेकर किसानों को कोई परेशानी नहीं हुई, बल्कि विपक्षी दलों ने इस पर ज्यादा सवाल उठाए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रे मौजूद रहे।