अनिल विज की फटकार के बाद कैथल में रे*प पीड़िता की शिकायत पर FIR दर्ज

कैथल में युवती की शिकायत पर मंत्री अनिल विज की फटकार के बाद रेप आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हुई। धमकी भरी चैट देखकर मंत्री भड़क उठे और SP को तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया।

अनिल विज की फटकार के बाद कैथल में रे*प पीड़िता की शिकायत पर FIR दर्ज


➤हरियाणा सरकार ने तहसीलदार जिवेंद्र मलिक को नायब तहसीलदार पद पर किया डिमोट
➤खखाटा 24×7 ने 24 सितंबर को उजागर किए थे भ्रष्टाचार के गंभीर कारनामे
➤2 हजार करोड़ की बेनामी व अघोषित संपत्ति की जांच की मांग तेज



हरियाणा सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सजायाफ्ता तहसीलदार जिवेंद्र मलिक को पदावनत कर नायब तहसीलदार बना दिया है। यह कार्रवाई खखाटा 24×7 द्वारा 24 सितंबर को उजागर की गई उन अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों के बाद तेज हुई, जिनमें मलिक का नाम लगातार सामने आ रहा था।

जिवेंद्र मलिक का नाम लंबे समय से विवादों से जुड़ा रहा है। पटवारी से तहसीलदार तक की उनकी तेज तर्रार उन्नति पर कई सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति, बेनामी जमीनें और फर्जी कंपनियों में करोड़ों रुपये का निवेश किया। मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इनकी घोषित-अघोषित संपत्ति का आंकड़ा करीब 2000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

ग्रीवेंस मीटिंग के दौरान दूसरे शिकायतकर्ताओं की सुनवाई करते हुए मंत्री अनिल विज।

इसके बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। अब सरकार ने पहला कदम उठाते हुए मलिक को डिमोट कर दिया है, लेकिन लोगों और निगरानी एजेंसियों की मांग है कि सरकार इस पूरे मामले में व्यापक जांच कराए, ताकि भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

इसके अलावा मांग उठ रही है कि सरकार 30 नवंबर को होने वाली उनकी रिटायरमेंट से पहले ही उनके सभी फंड, पेंशन और लाभ को रोकने का आदेश जारी करे, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की आर्थिक ढील न मिले।

सूत्रों का कहना है कि जिवेंद्र मलिक अपने खिलाफ होने वाली हर कार्रवाई से बचने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन इस बार मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार सख्त रुख में दिखाई दे रही है। अब निगाहें आगामी जांच पर टिकी हुई हैं कि क्या सरकार इन्हें टर्मिनेट करने और सम्पत्ति की जांच के आदेश देगी।