गुरुग्राम में सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव फिर टला, मेयर की गैरमौजूदगी बनी वजह

गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव दूसरी बार टल गया। मेयर की तबीयत खराब होने के कारण बैठक बिना निर्णय समाप्त हुई।

गुरुग्राम में सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव फिर टला, मेयर की गैरमौजूदगी बनी वजह

➤ दूसरी बार टला सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव
➤ मेयर की तबीयत खराब, बैठक बिना निर्णय के खत्म
➤ BJP के भीतर ‘राव बनाम राव’ की सियासी जंग तेज


हरियाणा के Gurugram नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए बहुप्रतीक्षित चुनाव एक बार फिर टल गया है। करीब सवा साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज थी, लेकिन मेयर की गैरमौजूदगी के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

गुरुग्राम में आज नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि Punjab and Haryana High Court के निर्देश के बाद निगम आयुक्त द्वारा चुनाव को लेकर आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था। इसके तहत आज सुबह 11 बजे हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (HIPA) के कॉन्फ्रेंस हॉल में चुनाव प्रक्रिया शुरू होनी थी।

गुरुग्राम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर अधिकारी और पार्षद पहुंच चुके हैं।

निर्धारित समय पर अधिकांश पार्षद और अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। लेकिन मेयर Raj Rani Malhotra की तबीयत खराब होने के कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। उनके बिना बैठक की अध्यक्षता संभव नहीं हो पाई, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया।

इस चुनाव में नगर निगम के कुल 36 निर्वाचित पार्षदों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था। हालांकि चुनाव टलने से पार्षदों और राजनीतिक दलों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

गुरुग्राम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर अधिकारी और पार्षद पहुंच चुके हैं।

इस बीच यह चुनाव केवल पदों के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भी बन चुका है। भाजपा के पास 36 में से 24 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है, लेकिन असली मुकाबला पार्टी के अंदर ही दो बड़े गुटों के बीच माना जा रहा है। एक ओर Rao Inderjit Singh का खेमा है, तो दूसरी ओर Rao Narbir Singh के समर्थक सक्रिय हैं।

यह चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इन पदों के खाली रहने से फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (F&CC) जैसी महत्वपूर्ण समितियां पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पा रही हैं। इसके चलते शहर के कई बड़े विकास कार्य लंबित पड़े हुए हैं।

प्रशासन ने चुनाव को लेकर पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। कयास लगाए जा रहे थे कि यदि सर्वसम्मति नहीं बनती तो गुप्त मतदान के जरिए फैसला होता, लेकिन अब चुनाव टलने के बाद नई तारीख का इंतजार किया जा रहा है।