बंगाल चुनाव 2026: अंतिम चरण में 92.25 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान, पढ़ें पूरी डिटेल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 92.85% औसत मतदान दर्ज कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना। त्रिपुरा का पुराना रिकॉर्ड टूटा, लोकतंत्र में अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली।
➤ बंगाल विधानसभा चुनाव में 92% से ज्यादा मतदान दर्ज
➤ त्रिपुरा का 13 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
➤ देश में राजनीतिक जागरूकता का नया उदाहरण
West Bengal में हुए विधानसभा चुनावों ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के साथ ही राज्य ने वोटिंग प्रतिशत के मामले में अब तक के सभी राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह आंकड़ा लोकतंत्र में जनता की बढ़ती भागीदारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार दूसरे चरण में रात 10 बजे तक 92.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसने 13 वर्षों से कायम Tripura के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। त्रिपुरा में वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में 91.82 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो अब तक देश में सबसे अधिक माना जाता था।
अगर दोनों चरणों के आंकड़ों को मिलाकर देखा जाए तो बंगाल में कुल औसत मतदान 92.85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा न केवल राष्ट्रीय स्तर पर नया रिकॉर्ड है, बल्कि यह देश के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व माना जा रहा है।
विश्लेषण के अनुसार उत्तर-पूर्वी राज्यों में मतदान का स्तर पहले से ही ऊंचा रहा है। उदाहरण के तौर पर Nagaland में 1993 में 91.53 प्रतिशत और Manipur में 1995 में 91.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। हालांकि बंगाल ने इन सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी मतदान का प्रतिशत काफी अच्छा रहा है। जैसे Puducherry में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इसके विपरीत उत्तर भारत के राज्यों में मतदान प्रतिशत अभी भी अपेक्षाकृत कम देखा जाता है। विशेषकर Uttar Pradesh और Bihar जैसे राज्यों का प्रदर्शन बंगाल के मुकाबले फीका रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के अनुसार स्वतंत्रता के बाद बंगाल में इस स्तर की भागीदारी अभूतपूर्व है। यह आंकड़ा न केवल राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि देश के मतदाता अब व्यवस्था में बदलाव के लिए अधिक सक्रिय और जागरूक हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत आने वाले समय में चुनावी रणनीतियों को प्रभावित करेगा और भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जहां गड़बड़ी, तुरंत एक्शन
मतदान के दौरान आयोग पूरी तरह चौकन्ना रहा। जहां से भी गड़बड़ी की खबर मिली, तुरंत एक्शन लिया। केंद्रीय बल के जवान मुस्तैद रहे, जिससे छोटी-मोटी झड़प को बड़े संघर्ष का रूप लेने से पहले ही नियंत्रित किया जा सका। पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय दिखी। क्विक रिस्पांस टीम ने भी अपने नाम को चरितार्थ किया। जनता ने इस समग्र प्रयास को पूर्ण समर्थन दिया। हर उम्र वर्ग के लोग घरों से निकले और वोट डाला।
चढ़ता गया दिन, बढ़ता गया वोट
बंगाल में पहली बार सही मायने में लगा कि लोकतंत्र का पर्व चल रहा है। सुबह से ही जिस तरह समस्त विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर भीड़ उमडऩी शुरू हुई थी, उसने फिर रिकार्ड वोटिंग का आभास दे दिया था। पहले दो घंटों में 20 प्रतिशत मतदान हुआ, जो इन जिलों में पिछले कई चुनावों की तुलना में तेज था। सुबह 11 बजे तक वोट प्रतिशत 40 प्रतिशत पर पहुंच गया।
अपरान्ह तीन बजे यह लंबी छलांग लगाकर 78 प्रतिशत के पायदान पर पहुंचा और रात 9 बजे तक 92.25 प्रतिशत दर्ज हुआ। मतदान वाले जिलों में भी मानों प्रतिस्पर्धा चल रही थी, हालांकि पूर्व बद्र्धमान ने बाजी मारी, जहां सर्वाधिक 93.70 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, हालांकि सबसे ज्यादा कोलकाता ने चौकाया।
मतदान के मामले में थोड़े उदासीन माने जाने वाले कोलकातावासियों ने 88.52 प्रतिशत वोट दिया। 2021 के चुनाव में यहां मात्र 62.3 प्रतिशत मतदान हुआ था।
भवानीपुर में भिन्न नजारा
बंगाल की सबसे हाट सीट व मौजूदा विस चुनाव के अधिकेंद्र भवानीपुर में बिल्कुल भिन्न नजारा दिखा। मतदाता जितने शांत नजर आए, प्रत्याशी उतने ही बेचैन। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पहली बार सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ कालीघाट स्थित अपने घर से निकलकर बूथ-बूथ घूमते देखा गया, वहीं सुवेंदु अधिकारी भी राउंड लगाते नजर आए।
घूमते वक्त ममता-सुवेंदु एक समय काफी पास चले आए थे। उनके बीच महज 50 मीटर का फासला रह गया था, हालांकि दोनों में कोई सौजन्य विनिमय नहीं हुआ।
छिटपुट घटनाओं से नहीं मिला छुटकारा
हिंसा की बड़ी वारदात नहीं होने पर भी छिटपुट घटनाएं बदस्तूर जारी रहीं। बासंती में भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी में तोडफ़ोड़ की गई। चापड़ा में भाजपा के एक एजेंट का सिर फोड़ दिया गया।
शांतिपुर में भाजपा के कैंप में तोडफ़ोड़ की गई। वही पानिहाटी में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई महिला डाक्टर की मां को घेरकर तृणमूल समर्थकों ने 'जय बांग्ला' के नारे लगाए। कुछ जगहों से बम भी बरामद हुए।
2026 में 92.25 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान
- दोनों चरणों को मिलाकर 92.72 प्रतिशत वोटिंग का बना सर्वकालिक रिकॉर्ड
- कोलकातावासियों ने भी 88.52 प्रतिशत मतदान कर रचा कीर्ति
- पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 93.70 प्रतिशत वोट पड़े
- दूसरे व अंतिम चरण में 142 सीटों पर पड़े वोट (रात 9 बजे तक का ब्योरा) : 92.25 प्रतिशत
- 2021 में इन सीटों पर कुल वोट : 80.24 प्रतिशत
- पहले चरण में 152 सीटों पर कुल वोट : 93.19 प्रतिशत
- 2021 में इन 152 सीटों पर कुल वोट : 81.16 प्रतिशत
- कुल मतदाता : 6,82,92,564
- कुल मतदान : 6,29,99,890
- कुल वोट : 92.72 प्रतिशत
2021 में समस्त 294 सीटों पर कुल वोट : 82.30 प्रतिशत
- तृणमूल कांग्रेस : 48.02 प्रतिशत
- भाजपा : 38.15 प्रतिशत
- वामो-कांग्रेस गठबंधन : 10.04 प्रतिशत
- कुल मतदाता : 7,32,58,428
- कुल मतदान : 6,02,91,686
- प्रमुख सीटों पर वोट प्रतिशत (रात 9 बजे तक का ब्योरा)
- भवानीपुर : 86.64 प्रतिशत
- पानिहाटी : 91.44 प्रतिशत
- हिंगललगंज : 95.16 प्रतिशत
- सिंगुर : 93.16 प्रतिशत
- जादवपुर : 86.71 प्रतिशत
- संदेशखाली : 94.36 प्रतिशत
- भांगड़ : 95.42 प्रतिशत
जिलावार वोट प्रतिशत
जिला 2021 (कुल) 2026 (रात 9 बजे तक का आंकड़ा)
1. नदिया : 84.3 प्रतिशत 91.81 प्रतिशत
2. दक्षिण 24 परगना : 82.3 प्रतिशत 92.78 प्रतिशत
3. उत्तर 24 परगना : 83.7 प्रतिशत 92.45 प्रतिशत
4. हावड़ा : 79.9 प्रतिशत 92.02.10 प्रतिशत
5. हुगली : 83.1 प्रतिशत 91.90 प्रतिशत
6. पूर्व बद्र्धमान : 86.1 प्रतिशत 93.70 प्रतिशत
7. कोलकाता : 62.3 प्रतिशत 88.52 प्रतिशत
Akhil Mahajan