हरियाणा कांग्रेस नेता उदयभान ने ईवीएम जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की
हरियाणा कांग्रेस नेता चौधरी उदयभान ने होडल विधानसभा चुनाव नतीजों को चुनौती देते हुए ईवीएम और वीवी पैट मशीनों की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। अदालत ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए 16 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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हरियाणा कांग्रेस नेता चौधरी उदयभान ने ईवीएम जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की
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अदालत में बताया गया—2.36 लाख रुपये की राशि मशीनों की जांच के लिए जमा करवाई गई
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चुनाव आयोग को नोटिस, 16 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश
हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और होडल विधानसभा सीट से उम्मीदवार रहे चौधरी उदयभान ने अपनी चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवी पैट मशीनों की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह जांच अदालत के रजिस्ट्रार की देखरेख में पारदर्शी ढंग से होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की राजनीतिक या प्रशासनिक दखलअंदाजी न हो।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि चुनाव में इस्तेमाल हुई बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवी पैट मशीनों की मेमोरी तथा माइक्रो-कंट्रोलर की जांच के लिए आवश्यक 2.36 लाख रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है।
याची की ओर से बहस करते हुए हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल और भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मोहन जैन ने अदालत को बताया कि जन प्रतिनिधित्व कानून, हाईकोर्ट नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार चुनाव याचिकाओं का निपटारा छह माह के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
उन्होंने अदालत से कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि जिला चुनाव अधिकारी पर सत्ताधारी दल से जुड़े होने का दबाव पड़ सकता है। इसलिए मशीनों की जांच और सत्यापन का कार्य अदालत के रजिस्ट्रार की निगरानी में कराया जाना चाहिए।
मोहन जैन ने अपने तर्कों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें पानीपत जिले के एक सरपंच चुनाव को चुनौती दी गई थी और अदालत की निगरानी में हुई वोटों की दोबारा गिनती के बाद नतीजे पूरी तरह बदल गए थे।
उन्होंने यह भी मांग की कि अदालत में कुछ ईवीएम पर ट्रायल वोट डलवाए जाएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मशीनें सही ढंग से वोट दर्ज कर रही हैं या नहीं। जैन का कहना था कि यदि यह परीक्षण अदालत के समक्ष किया जाए तो सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।
इस बीच, अदालत ने चुनाव आयोग को पक्षकार बनाए जाने के संबंध में दाखिल आवेदन पर नोटिस जारी किया है और आयोग सहित अन्य प्रतिवादी पक्षों को 16 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि चौधरी उदयभान ने होडल विधानसभा चुनाव में भाजपा विधायक हरिंदर सिंह की जीत को पहले ही चुनौती दे रखी है। उनका आरोप है कि ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी और वोटिंग प्रक्रिया में अनियमितता के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
अदालत के अगले आदेश तक यह मामला हरियाणा की सियासत में चर्चा का विषय बना रहेगा, क्योंकि अगर ईवीएम जांच की अनुमति मिलती है तो यह फैसला प्रदेश के अन्य चुनावी विवादों पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
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