हरियाणा में फैक्ट्री अग्निकांड में श्रमिक की मौ*त, इलाज के दौरान पीजीआई में तोड़ा दम

बहादुरगढ़ की फैक्ट्री में आग से झुलसे श्रमिक जगदीश की पीजीआई रोहतक में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया है।

हरियाणा में  फैक्ट्री अग्निकांड में श्रमिक की मौ*त, इलाज के दौरान पीजीआई में तोड़ा दम

बहादुरगढ़ की फैक्ट्री में आग से झुलसे श्रमिक जगदीश की इलाज के दौरान मौत

परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस

हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ सेक्टर-17 स्थित एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग का हादसा एक श्रमिक की जान ले गया। आग में गंभीर रूप से झुलसे कानपुर निवासी श्रमिक जगदीश ने कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद पीजीआई रोहतक में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार रविवार को प्लॉट नंबर 261-262 स्थित फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से दो श्रमिक झुलस गए थे। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जगदीश की हालत अधिक गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था।

डॉक्टरों ने जगदीश को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम पीजीआई रोहतक पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के बीच यह मामला सुरक्षा प्रबंधन की गंभीरता पर बहस छेड़ रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो इसकी वजह नहीं बनी।

रोजगार की तलाश में कानपुर से बहादुरगढ़ आए जगदीश की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्य हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आग लगने के बाद से ही जगदीश जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था। पहले उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।