पैरों के दर्द, झनझनाहट और जलन में योगासन फायदेमंद साबित हो सकते हैं
पैरों के दर्द, जलन और झनझनाहट से राहत पाने के लिए ताड़ासन, वज्रासन और वृक्षासन जैसे योगासन बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। जानिए आसान योग टिप्स।
• पैरों के दर्द, झनझनाहट और जलन में योगासन फायदेमंद साबित हो सकते हैं
• ताड़ासन, वज्रासन और वृक्षासन नसों को मजबूत बनाने में मददगार
• नियमित योग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और तलवों को राहत मिलती है
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक खड़े रहना, लगातार चलना, गलत फुटवियर पहनना और घंटों बैठकर काम करना आम बात हो गई है। यही वजह है कि अब कम उम्र में भी लोगों को पैरों के तलवों में दर्द, झनझनाहट और जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह नसों की कमजोरी, खराब ब्लड सर्कुलेशन और बढ़ते तनाव का संकेत भी हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो चलने-फिरने में परेशानी, पैरों में सुन्नपन और मांसपेशियों में अकड़न जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में नियमित योगाभ्यास एक प्राकृतिक और असरदार उपाय साबित हो सकता है। योगासन न केवल पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं बल्कि शरीर में रक्त संचार को भी बेहतर करते हैं।
ताड़ासन पैरों के संतुलन और मजबूती के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसे करने से पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तलवों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना सुबह 5 मिनट ताड़ासन करने से पैरों की थकान और दर्द कम हो सकता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं और पंजों के बल खड़े होने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं।
वज्रासन नसों को रिलैक्स करने में मदद करता है। लंबे समय
तक बैठकर काम ने वाले लोगों के लिए यह योगासन बेहद लाभकारी माना जाता है। इससे पैरों में झनझनाहट और सुन्नपन कम हो सकता है। इसे करने के लिए घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं और रीढ़ सीधी रखें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए 5 से 10 मिनट तक इस मुद्रा में बैठें।
अगर पैरों में दर्द के साथ भारीपन महसूस होता है तो पवनमुक्तासन काफी फायदेमंद हो सकता है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और छाती की ओर लाएं। फिर हाथों से पैरों को पकड़कर कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
अधोमुख श्वानासन पैरों की नसों में खिंचाव पैदा करता है, जिससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है। नियमित अभ्यास करने से तलवों की जलन और दर्द में राहत मिल सकती है। इसे करने के लिए दोनों हाथ और पैर जमीन पर रखें और शरीर को उल्टे V आकार में उठाएं। कुछ सेकंड तक इसी मुद्रा में बने रहें।
इसके अलावा वृक्षासन भी पैरों की ताकत और संतुलन बढ़ाने में बेहद कारगर माना जाता है। यह नसों पर सकारात्मक असर डालता है और झनझनाहट को कम करने में मदद करता है। इसे करने के लिए एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर को जांघ पर रखें और दोनों हाथ जोड़कर ऊपर उठाएं।
वृक्षासन
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पैरों में दर्द, जलन या झनझनाहट लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित योग से पैरों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
pooja