हरियाणा में अब ऑनलाइन मिलेगी लेबर, अनिल विज ने लॉन्च की ऐप

हरियाणा सरकार ने “श्रममित्र” ऐप लॉन्च की है। अब श्रमिक और नियोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए सीधे जुड़ सकेंगे। 75 हजार श्रमिकों का डाटा पहले ही अपलोड किया जा चुका है।

हरियाणा में अब ऑनलाइन मिलेगी लेबर, अनिल विज ने लॉन्च की ऐप

➤ हरियाणा में अब मोबाइल ऐप से मिलेगी लेबर और मजदूर
➤ श्रम मंत्री अनिल विज ने लॉन्च की “श्रममित्र” ऐप
➤ 75 हजार श्रमिकों का डाटा अपलोड, घर बैठे मिलेगा काम


हरियाणा सरकार ने श्रमिकों और नियोक्ताओं को डिजिटल सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल विज ने बुधवार को “श्रममित्र” ऐप लॉन्च की। सरकार का दावा है कि यह ऐप श्रमिकों और काम देने वालों के बीच सीधा, पारदर्शी और तेज संपर्क स्थापित करेगी।

श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह ऐप डिजिटल क्रांति के तहत तैयार किया गया एक आधुनिक प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए अब श्रमिकों को काम की तलाश में घंटों लेबर चौक पर खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। वे घर बैठे अपने मोबाइल फोन से काम की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी तीन भाषाओं में उपलब्ध होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें।

 इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की तरह करेगा काम

अनिल विज ने बताया कि “श्रममित्र” ऐप एक तरह से इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज के रूप में काम करेगी। आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी और पूरा सिस्टम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होगा। उन्होंने कहा कि अब नियोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार सीधे ऐप पर श्रमिकों की तलाश कर सकेंगे। वहीं मजदूर भी अपने अनुभव और कौशल के आधार पर काम ढूंढ पाएंगे।

 राजमिस्त्री से लेकर प्लंबर तक सभी होंगे शामिल

इस ऐप पर विभिन्न ट्रेड के श्रमिक रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इनमें:

राजमिस्त्री
बढ़ई
इलेक्ट्रिशियन
प्लंबर
माली
पेंटर
वेल्डर
नाई और मोची

जैसे स्वरोजगार और दिहाड़ी कार्यों से जुड़े लोग शामिल होंगे।

श्रमिक अपनी कार्य-कुशलता, अनुभव और विशेषज्ञता की पूरी जानकारी ऐप पर दर्ज कर सकेंगे।

ऐप के जरिए सीधे होगी बातचीत

श्रम मंत्री ने बताया कि नियोक्ता ऐप पर काम का विवरण डाल सकेंगे और जरूरत के अनुसार श्रमिक खोज पाएंगे। सबसे खास बात यह है कि श्रमिक और नियोक्ता दोनों ऐप के जरिए सीधे बातचीत भी कर सकेंगे। वे मजदूरी, काम की अवधि और अन्य शर्तों पर आपस में चर्चा कर पाएंगे।

75 हजार श्रमिकों का डाटा अपलोड

सरकार के अनुसार फिलहाल करीब 75 हजार पंजीकृत श्रमिकों का डाटा ऐप पर अपलोड किया जा चुका है। इसके अलावा श्रम विभाग के कर्मचारी अलग-अलग लेबर चौकों पर जाकर मजदूरों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करवाने में मदद करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें।

 हरियाणा में हैं 135 लेबर चौक

अनिल विज ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल करीब 135 लेबर चौक संचालित हैं। सरकार का मानना है कि “श्रममित्र” ऐप के बढ़ते उपयोग के साथ आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह ऐप सरकार को भी श्रम मांग और आपूर्ति की निगरानी करने, योजनाओं का आकलन करने और डेटा आधारित फैसले लेने में मदद करेगी।