590 करोड़ बैंक घोटाले में IAS अफसरों पर गिरफ्तारी की तलवार
हरियाणा के 590 करोड़ रुपये के कथित IDFC AU Small Finance Bank घोटाले में CBI ने जांच तेज कर दी है। मोबाइल चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग से कई बड़े खुलासे होने के संकेत मिले हैं।
➤ 590 करोड़ बैंक घोटाले में CBI की जांच तेज
➤ मोबाइल चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुल रहे बड़े राज
➤ कई IAS और HCS अधिकारी जांच के घेरे में
हरियाणा में सामने आए 590 करोड़ रुपये के कथित IDFC AU Small Finance Bank घोटाले की जांच अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए मंगलवार को दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी को ऐसे डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब संदिग्ध अधिकारियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। इन डिवाइसों से कथित तौर पर डिलीटेड चैट, बैकअप डेटा और ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि सरकारी फंड को चुनिंदा बैंकों में जमा कराने के लिए बड़े स्तर पर कथित साठगांठ और लेन-देन किए गए थे।
सूत्रों का दावा है कि मोबाइल चैट में कुछ बैंक अधिकारियों और सरकारी अफसरों के बीच बातचीत के अहम रिकॉर्ड मिले हैं। अब CBI इन डिजिटल एविडेंस की फॉरेंसिक जांच करवा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
कई बड़े अधिकारी जांच के घेरे में
मामले में अब तक पांच IAS अधिकारियों और एक अन्य अधिकारी से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें से दो अधिकारियों के मोबाइल फोन भी एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी पहले पंचायत विभाग और हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम में अहम पदों पर तैनात रह चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, आठ IAS अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ के लिए धारा 17-A के तहत पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी अनुमति लेने की प्रक्रिया जारी है। इनमें एक वरिष्ठ IAS अधिकारी और एक HCS अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से बढ़ी बेचैनी
जांच एजेंसियों को कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों से भी कई अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि इन रिकॉर्डिंग में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों के संचालन और जांच से बचने के तरीकों पर बातचीत के संकेत मिले हैं। हालांकि इन रिकॉर्डिंग की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और उनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
मामले में लगातार बढ़ती जांच और वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ के बाद हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है। राज्य में पहली बार इतने बड़े स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ धारा 17-A के तहत मंजूरी दिए जाने को बेहद अहम माना जा रहा है।
CBI जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
गौरतलब है कि घोटाले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले ACB और बाद में CBI को जांच सौंपी थी। अब माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। साथ ही हवाला नेटवर्क और बेनामी संपत्तियों के एंगल पर भी जांच तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, CBI अब डिजिटल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन और संदिग्ध संपत्तियों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासों की संभावना भी बढ़ती जा रही है।
Akhil Mahajan