सोनीपत कोर्ट का बड़ा फैसला, नेशनल आर्चरी प्लेयर से छेड़छाड़ मामले में कोच को 5 साल की सजा
सोनीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नेशनल लेवल जूनियर आर्चरी प्लेयर से छेड़छाड़ और सेक्सुअल हैरासमेंट मामले में आरोपी कोच कुलदीप वेदवान को पॉक्सो एक्ट के तहत 5 साल की सजा सुनाई है।
➤ नेशनल लेवल जूनियर आर्चरी प्लेयर से छेड़छाड़ मामले में कोच को 5 साल की सजा
➤ फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार देकर भेजा जेल
➤ बड़े खिलाड़ी बनाने का झांसा देकर होटल में गलत हरकत करने का आरोप साबित
हरियाणा के सोनीपत की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नेशनल लेवल की नाबालिग आर्चरी प्लेयर से छेड़छाड़ और सेक्सुअल हैरासमेंट मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी कोच कुलदीप वेदवान को 5 साल की कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला अगस्त 2023 में मुरथल थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। दोषी कोच मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बागपत का रहने वाला है और यूपी, पुडुचेरी व जम्मू-कश्मीर में अपनी आर्चरी अकादमियां चला चुका है।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने 15 मई 2026 को आरोपी को दोषी ठहराया था। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था। बुधवार को कोर्ट ने सजा का ऐलान करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।
अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा-10 के तहत 5 साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर 3 महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं धारा-12 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
कैसे फंसा कोच?
पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि अप्रैल 2023 में वह स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) सेंटर में आयोजित यूथ चैंपियनशिप ट्रायल में हिस्सा लेने सोनीपत पहुंची थी। खिलाड़ियों को अलग-अलग होटलों में ठहराया गया था।
आरोप है कि 7 अप्रैल 2023 की सुबह करीब 4 बजे आरोपी कोच होटल के कमरे में पहुंचा और नाबालिग खिलाड़ी के साथ अश्लील हरकतें कीं। पीड़िता ने विरोध किया और करीब 15-20 मिनट संघर्ष के बाद वहां से बाहर निकलकर दूसरे खिलाड़ियों के कमरे में पहुंची।
पीड़िता के अनुसार आरोपी बाद में उससे माफी मांगता रहा और करियर खराब होने का डर दिखाकर मामला दबाने की कोशिश करता रहा। इतना ही नहीं, वह उसे “बड़ा खिलाड़ी” बनाने का लालच देकर अपने कमरे में रुकने का दबाव भी बनाता था।
एशिया कप चयन के बाद परिवार को बताई पूरी बात
ट्रायल के बाद पीड़िता का चयन एशिया कप सिंगापुर के लिए हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार ने मामले की शिकायत श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से की, जिसके बाद जांच कमेटी बनाई गई।
कमेटी के सामने बयान दर्ज कराने के बाद पीड़िता ने 18 अगस्त 2023 को मुरथल थाना में केस दर्ज कराया। पुलिस ने महिला जांच अधिकारी को मामले की जांच सौंपी थी।
कौन है कुलदीप वेदवान?
आरोपी कुलदीप वेदवान खुद भी नेशनल लेवल का आर्चरी प्लेयर रह चुका है। वह पहले सेना में नौकरी करता था, लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर आर्चरी कोचिंग शुरू की। उसने यूपी, गाजियाबाद, कानपुर, पुडुचेरी और कटरा में कई आर्चरी अकादमियां चलाईं।
Akhil Mahajan