HPSC का घेराव करने पहुंचे कैंडिडेट्स को खदेड़ा
पंचकूला में HPSC भर्ती सिस्टम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स को पुलिस ने हिरासत में लिया। युवाओं ने बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को नौकरी देने के आरोप लगाए।
• HPSC घेराव करने पहुंचे भर्ती कैंडिडेट्स को पुलिस ने खदेड़ा
• प्रदर्शनकारियों को हाथ-पैर पकड़कर हिरासत में लिया गया
• युवाओं ने लगाया बाहरी राज्यों को नौकरी देने का आरोप
पंचकूला में हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भर्ती कैंडिडेट्स और पुलिस के बीच बुधवार को तीखी झड़प देखने को मिली। आयोग कार्यालय का घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकते हुए खदेड़ दिया। इस दौरान कई युवाओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान एक युवक को पुलिसकर्मी हाथ-पैर पकड़कर उठाकर ले जाते नजर आए। वहीं एक महिला प्रदर्शनकारी को भी हिरासत में लिया गया। मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ओबीसी ब्रिगेड कर रही थी। प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने के लिए JJP नेता दिग्विजय चौटाला भी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से आगे बढ़ने से पहले ही रोक लिया।
भर्ती कैंडिडेट्स का आरोप है कि हरियाणा सरकार HPSC में बाहरी राज्यों के लोगों को प्राथमिकता दे रही है। प्रदर्शनकारी गुरमेल डाबी ने कहा कि सरकार बिहार के चेयरमैन को हरियाणा के युवाओं पर थोप रही है, जिसके कारण यूपी-बिहार के अभ्यर्थियों को नौकरियां दी जा रही हैं।
युवाओं ने कहा कि ग्रुप-ए और ग्रुप-बी भर्तियों में लागू 35 प्रतिशत क्राइटेरिया के कारण कई सीटें खाली रह जाती हैं। इसी मुद्दे को लेकर पिछले करीब 5 महीनों से लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हरियाणा के योग्य युवा, जिनके पास PhD, NET और MTech जैसी डिग्रियां हैं, वे बेरोजगार घूम रहे हैं या छोटे पदों पर काम करने को मजबूर हैं, जबकि उच्च पदों पर दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों की नियुक्ति की जा रही है।
प्रदर्शन को देखते हुए पंचकूला में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। करीब 5 डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने आयोग कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभाली हुई थी।
इससे पहले भी HPSC भर्ती मुद्दे को लेकर इनेलो और कांग्रेस प्रदर्शन कर चुके हैं। इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में HPSC कार्यालय का घेराव किया गया था, जबकि कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुके हैं।
pooja