DU चुनाव में ABVP का दबदबा, प्रेसिडेंट-सेक्रेटरी समेत 3 पद जीते; उपाध्यक्ष पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन विजयी

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत तीन पदों पर जीत दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष बने, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता।

DU चुनाव में ABVP का दबदबा, प्रेसिडेंट-सेक्रेटरी समेत 3 पद जीते; उपाध्यक्ष पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन विजयी

यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने
उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता
चार केंद्रीय पदों में NSUI को एक भी सीट नहीं मिली


नई दिल्ली, 19 सितंबर। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजे घोषित हो गए हैं। चार प्रमुख पदों में से तीन पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI को चारों केंद्रीय पदों में कोई सीट नहीं मिली।

अध्यक्ष पद की मतगणना पूरे दिन बेहद करीबी रही। काउंटिंग के कई चरणों में ABVP और NSUI के उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही। नौवें राउंड के बाद NSUI के विजय शंकर मीणा महज एक वोट से आगे निकल गए थे, लेकिन बाद के राउंड में यश डबास ने फिर बढ़त बनाई और अंततः अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

चार पदों का परिणाम

पद विजेता संगठन
अध्यक्ष यश डबास ABVP
उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन निर्दलीय
सचिव रिया छावड़ी ABVP
संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह ABVP

परिणामों के मुताबिक ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया।

अध्यक्ष पद पर आखिरी दौर तक रही टक्कर

DUSU की मतगणना के दौरान अध्यक्ष पद पर मुकाबला लगातार बदलता रहा। नौवें राउंड में NSUI के विजय शंकर मीणा को 10,888 वोट मिले थे, जबकि ABVP के यश डबास को 10,887 वोट मिले थे। यानी उस समय अंतर सिर्फ एक वोट का था। इसके बाद काउंटिंग आगे बढ़ी और यश डबास ने दोबारा बढ़त हासिल कर ली।

15वें राउंड के बाद यश डबास 17,315 वोटों के साथ विजय मीणा से 294 वोट आगे थे। 18वें राउंड तक भी यश डबास की बढ़त बनी रही और इसके बाद अध्यक्ष पद का परिणाम ABVP के पक्ष में रहा।

रिया छावड़ी ने सचिव पद जीता

सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने NSUI की नम्रता चौधरी को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। शुरुआती दौर से ही इस सीट पर रिया बढ़त बनाए हुए थीं। 18वें राउंड के दौरान रिया छावड़ी को 18,366 वोट और NSUI की नम्रता चौधरी को 13,451 वोट मिले थे।

संयुक्त सचिव पद भी ABVP के खाते में

संयुक्त सचिव पद पर भी अंतिम परिणाम ABVP के पक्ष में गया। लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। इस सीट पर मतगणना के दौरान NSUI के गोपाल चौधरी और निर्दलीय/समर्थित उम्मीदवार विशेष यादव के साथ करीबी मुकाबला देखने को मिला था। शुरुआती और मध्य चरणों में विशेष यादव तथा NSUI उम्मीदवार बढ़त में रहे, लेकिन अंतिम परिणाम में लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। मतगणना के दौरान उन्होंने ABVP और NSUI दोनों उम्मीदवारों से काफी अंतर बनाए रखा। छठे राउंड में ही उन्हें 9,379 वोट मिल चुके थे, जबकि ABVP के ईशु मौर्य को 4,845 और NSUI के वीर चतरथ को 1,337 वोट मिले थे।

दीपांशु शौकीन ने चुनाव परिणामों के दौरान कहा कि वह छात्रों की आवाज बनने और जिन मुद्दों पर काम करने का वादा किया था, उन पर काम करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने अपनी जीत के संदर्भ में Gen Z की भूमिका का भी उल्लेख किया था।

40.46 प्रतिशत रहा मतदान

DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कुल 1,51,519 छात्र मतदाता थे, जिनमें से 61,312 छात्रों ने मतदान किया। मतदान प्रतिशत 40.46 फीसदी रहा।

मतगणना शनिवार सुबह शुरू हुई और विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार मतगणना केंद्रों के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।

छात्र राजनीति में चार पदों का अलग-अलग जनादेश

DUSU के चार प्रमुख पदों का परिणाम इस बार एक समान नहीं रहा। अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद ABVP के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। इस तरह चार केंद्रीय पदों में तीन अलग-अलग पदों पर ABVP के उम्मीदवार निर्वाचित हुए और एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास गया।

चुनाव अभियान के दौरान छात्रावास, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्र सुविधाएं और सुरक्षा जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया प्रचार और विभिन्न छात्र संगठनों की गतिविधियां भी प्रमुखता से सामने आई थीं।