चोरी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज न करने पर 2 ASI सस्पेंड

अंबाला में जनता दरबार की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में दो ASI निलंबित हुए। चोरी के मामलों में FIR दर्ज नहीं करने और देरी का आरोप है।

चोरी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज न करने पर  2 ASI सस्पेंड

जनता दरबार की शिकायतों पर कार्रवाई में लापरवाही के आरोप में दो ASI निलंबित
एक मामले में आभूषण चोरी, दूसरे में 20 तोला सोना और नकदी चोरी की शिकायत
दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइंस अंबाला भेजा गया


हरियाणा के अंबाला में जनता दरबार में सामने आई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के मामले में पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने दो सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) को निलंबित कर दिया है। 21 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार निलंबित पुलिसकर्मियों में पुलिस पोस्ट हाउसिंग बोर्ड के इंचार्ज ASI गुरदेव सिंह और पुलिस पोस्ट तोपखाना के इंचार्ज ASI सुखविंदर सिंह शामिल हैं। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइंस अंबाला भेज दिया गया है। मामला 18 सितंबर को अंबाला में मंत्री अनिल विज की जनसुनवाई के दौरान सामने आया था, जहां पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें रखी गई थीं।

जनसुनवाई में सामने आए दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं ने चोरी की घटनाओं की सूचना देने के बावजूद FIR दर्ज नहीं करने और समय पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस विभाग की ओर से दोनों मामलों को लेकर कार्रवाई की गई। निलंबन आदेश में संबंधित पुलिसकर्मियों की ओर से शिकायतों पर अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाने और पुलिस प्रक्रिया के पालन में लापरवाही का उल्लेख किया गया है।

पहले मामले में पुलिस पोस्ट हाउसिंग बोर्ड के इंचार्ज ASI गुरदेव सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आदेश के मुताबिक, शिकायतकर्ता पंडित अजय कुमार ने जनता दरबार में शिकायत देकर बताया था कि उनके कमरे का ताला तोड़कर आभूषण चोरी किए गए हैं। शिकायत में पंकज शर्मा पर ताला तोड़ने का आरोप लगाया गया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पुलिस पोस्ट हाउसिंग बोर्ड में मामले की शिकायत दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने यह मामला जनता दरबार में उठाया।

निलंबन आदेश में कहा गया है कि अपराध की सूचना मिलने के बावजूद मामले को गंभीरता और तत्परता से नहीं लिया गया। साथ ही FIR दर्ज करने संबंधी उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की बात भी आदेश में कही गई है। इन्हीं आधारों पर ASI गुरदेव सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

दूसरे मामले में पुलिस पोस्ट तोपखाना के इंचार्ज ASI सुखविंदर सिंह को निलंबित किया गया है। आदेश के अनुसार, शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने जनता दरबार में शिकायत दी थी कि 9 सितंबर 2026 को उनके घर की अलमारी से 20 तोला सोना और नकदी चोरी हो गई।

नरेश कुमार का आरोप था कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस पोस्ट पर चार बार आवेदन दिया, लेकिन इसके बावजूद केस दर्ज नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने यह मुद्दा मंत्री अनिल विज की जनसुनवाई के दौरान उठाया था।

SP के आदेश में कहा गया है कि अपराध की सूचना मिलने के बाद भी FIR दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। आदेश में इसे ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदारी मानते हुए ASI सुखविंदर सिंह को निलंबित किया गया है।

दोनों मामलों में शिकायतें सीधे जनता दरबार के दौरान सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर कार्रवाई की। एक शिकायत में कमरे का ताला तोड़कर आभूषण चोरी किए जाने का आरोप था, जबकि दूसरी शिकायत में घर की अलमारी से 20 तोला सोना और नकदी चोरी होने की बात कही गई थी।

पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी दोनों निलंबन आदेशों में शिकायतों पर कार्रवाई के दौरान बरती गई कथित लापरवाही को आधार बनाया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबन के साथ तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइंस अंबाला भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को नियमों के अनुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस दिया जाएगा। दोनों को अपने निलंबन की अवधि में पुलिस लाइंस अंबाला में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई के बाद दोनों मामलों में पुलिस की ओर से की जाने वाली आगे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल निलंबन आदेश में शिकायतों पर कार्रवाई में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाने को लेकर दोनों ASI के खिलाफ विभागीय कदम उठाया गया है।