नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की सजा
सोनीपत की फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता को 40 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
➤ सोनीपत की पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को सुनाई 20 साल के कठोर कारावास की सजा
➤ 55 हजार रुपये का जुर्माना, पीड़िता को 40 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश
➤ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दोषी करार, तत्काल सजा लागू करने के निर्देश
सोनीपत में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 40 हजार रुपये पीड़िता को मानसिक क्षति के मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
मामला 1 अप्रैल 2025 का है। सेक्टर-27 थाना क्षेत्र में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग के लापता होने पर उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पड़ोस में रहने वाला भ्यूरा साहनी उर्फ शिव कुमार, निवासी गांव जमुहट, थाना मेहदावल, जिला संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश), सुबह करीब चार बजे नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का पता नहीं चलने पर पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर सेक्टर-27 थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) और 96 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो एक्ट की धारा 4 भी मामले में जोड़ी गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है, इसलिए कड़ी सजा आवश्यक है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी तथा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
बीएनएस की धारा 137(2) के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा नहीं करने पर 1 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।
बीएनएस की धारा 96 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर 2 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने आदेश दिया कि कुल 55 हजार रुपये के जुर्माने में से 40 हजार रुपये पीड़िता को मानसिक पीड़ा और क्षति के मुआवजे के रूप में दिए जाएं। कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, दोषी ने अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं कराई है।
सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 424 के तहत जिला जेल, सोनीपत के अधीक्षक को वारंट जारी कर दोषी की सजा का तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
आज कोई लाइव अपडेट्स उपलब्ध नहीं हैं।