पुलिसकर्मी को काटकर कस्टडी से भागा बदमाश, पैर में गोली मारकर फिर दबोचा

कुरुक्षेत्र में पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहे बदमाश ने पुलिसकर्मी को दांत से काट लिया। पीछा करने के दौरान पुलिस ने पैर में गोली मारकर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया।

पुलिसकर्मी को काटकर कस्टडी से भागा बदमाश, पैर में गोली मारकर फिर दबोचा

बाथरूम का बहाना बनाकर पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश

पुलिसकर्मी की बाजू पर दांत से काटा, खेतों की तरफ भागा बदमाश

शॉर्ट एनकाउंटर में पैर में गोली मारकर दोबारा गिरफ्तार


हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहे एक कुख्यात बदमाश को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बाथरूम जाने का बहाना बनाकर पुलिस की गाड़ी रुकवाई और मौका मिलते ही पुलिसकर्मी की बाजू पर दांत से काटकर खेतों की ओर भाग निकला। पीछा करने के दौरान पुलिस ने उसकी दाहिनी टांग में गोली मारकर उसे काबू कर लिया।

बदमाश विशाल उर्फ विक्की को अस्पताल में कराया गया भर्ती।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सोढ़ी गांव निवासी विशाल उर्फ विक्की के रूप में हुई है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में 30 से अधिक मामले दर्ज हैं। गोली लगने के बाद उसे इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

CIA-2 प्रभारी मनदीप सिंह ने बताया कि विशाल उर्फ विक्की को गांधी नगर गोलीकांड की जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने अपने घर में अवैध हथियार छिपाने की जानकारी दी थी। पुलिस उसकी निशानदेही पर गांव से 2 अवैध पिस्टल, 4 मैगजीन और 20 जिंदा कारतूस बरामद कर लौट रही थी।

बदमाश के दांत के निशान को दिखाता पुलिसकर्मी

वापसी के दौरान जीटी रोड स्थित उमरी चौक के पास आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही। पुलिसकर्मी उसे नीचे उतारकर ले जा रहे थे। इसी दौरान उसने अचानक एक पुलिसकर्मी की बाजू पर दांत से काट लिया और अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की तरफ भाग निकला।

पुलिस ने पहले आरोपी को रुकने की चेतावनी दी और हवाई फायर भी किया, लेकिन वह लगातार भागता रहा। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा और गिरफ्तारी के लिए उसकी टांग पर गोली चलाई। गोली लगते ही आरोपी गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में ले लिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि 14 जून को गांधी नगर में हुए गोलीकांड में विशाल उर्फ विक्की ने मुख्य आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराए थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह मामला जुआ और सट्टे के कारोबार में पैसों के विवाद से जुड़ा था।