25 सितंबर को मेवात में सम्मान दिवस के रूप में मनेगी चौधरी देवीलाल की जयंती:अभय सिंह चौटाला

इनेलो की हिसार बैठक में अभय सिंह चौटाला ने 25 सितंबर को मेवात में चौधरी देवीलाल की जयंती सम्मान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। सरकार और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला।

25 सितंबर को मेवात में सम्मान दिवस के रूप में मनेगी चौधरी देवीलाल की जयंती:अभय सिंह चौटाला

25 सितंबर को मेवात में सम्मान दिवस के रूप में मनाई जाएगी चौधरी देवीलाल की जयंती

अभय सिंह चौटाला ने चानौत आंदोलन, भाखड़ा पाइपलाइन और प्रदेश सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस को बताया निष्क्रिय विपक्ष, भाजपा पर गांव-शहर में विभाजन की राजनीति का आरोप


हिसार। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को हिसार में आयोजित हुई। बैठक के बाद इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने घोषणा की कि 25 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती इस बार मेवात में "सम्मान दिवस" के रूप में मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मेवात क्षेत्र के लोगों का चौधरी देवीलाल से हमेशा विशेष लगाव रहा है। कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों की सहमति से यह फैसला लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में लाखों लोग भाग लेंगे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अभय सिंह चौटाला ने चानौत गांव के जल आंदोलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों को धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया है। उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन नहीं दे रही है और अमृत योजना का हवाला देकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई अन्य स्थानों पर इस तरह के कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन चानौत के मामले में राजनीतिक कारणों से बाधा पैदा की जा रही है।

उन्होंने हांसी-बरवाला भाखड़ा पाइपलाइन परियोजना का कार्य रुकने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में लोगों तक पानी पहुंचाना चाहती है तो परियोजना का कार्य पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनओसी नहीं मिलने का तर्क केवल बहाना है। मुख्यमंत्री चाहें तो प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेकर परियोजना को आगे बढ़ाया जा सकता है।

अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्ष की वास्तविक भूमिका आज इनेलो निभा रही है, जबकि कांग्रेस केवल नाम की विपक्ष बनकर रह गई है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि चानौत आंदोलन जैसे जनहित के मुद्दे पर उन्हें आगे आना चाहिए था, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायक बिके थे और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस के अधिकांश विधायक पार्टी छोड़ देंगे।

उन्होंने भाजपा सरकार पर गांव और शहर के लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले अधिकांश लोगों की जड़ें गांवों से जुड़ी हैं। प्रदेश की जनता इस राजनीति को समझ चुकी है और अगली बार भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।

प्रदेश में हाल ही में सामने आए कथित टी प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने गैर तरीके से टी लगाई थी तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले की सच्चाई छिपा रही है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह, विधायक आदित्य चौटाला, विधायक अर्जुन चौटाला, प्रकाश भारती, राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद सिंह लोहान, जिला अध्यक्ष सतपाल काजला सहित प्रदेशभर से आए पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में संगठन विस्तार, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और 25 सितंबर को मेवात में आयोजित होने वाले सम्मान दिवस समारोह की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।