BJP की B-Team कहने पर इनेलो का लीगल नोटिस, जस्सी पेटवाड़ बोले- डरने वाला नहीं
इनेलो को BJP की B-Team बताने पर कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ को लीगल नोटिस मिला। विधायक ने जवाब देने का ऐलान करते हुए इनेलो, जजपा और गोपाल कांडा पर गंभीर आरोप लगाए।
- इनेलो को BJP की B-Team कहने पर कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ को भेजा गया लीगल नोटिस
- जस्सी पेटवाड़ बोले- नोटिस से नहीं डरूंगा, कानूनी तरीके से दूंगा जवाब
- विधायक ने इनेलो, जजपा और गोपाल कांडा पर भाजपा से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए
हरियाणा की राजनीति में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। हिसार के नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ को इनेलो को "भाजपा की बी-टीम" बताने वाले बयान पर लीगल नोटिस भेजा गया है। इसकी जानकारी खुद विधायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दी।
वीडियो संदेश में जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि वह इस नोटिस से डरने वाले नहीं हैं और इसका जवाब पूरी तरह कानूनी तरीके से देंगे। उन्होंने कहा कि इनेलो नेताओं की पीड़ा वह समझते हैं, क्योंकि वे सामंती सोच के लोग हैं और उन्हें एक सामान्य परिवार का व्यक्ति विधायक बनना स्वीकार नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया और नारनौंद की जनता ने विधानसभा भेजा। यही बात इनेलो नेताओं को पसंद नहीं आ रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास गवाह है कि जब भी किसी सामान्य परिवार के व्यक्ति ने आगे बढ़ने की कोशिश की, इनेलो ने उसका विरोध किया।
जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि उन्होंने पहले भी इनेलो सरकार के दौरान हुए कंडेला कांड की याद दिलाई थी और दादा खागड़ की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसी मुद्दे को लेकर पहले भी दोनों दलों के बीच विवाद हुआ था।
विधायक ने आरोप लगाया कि ताऊ देवीलाल के समय से लेकर इनेलो और जजपा की चौथी पीढ़ी तक का भाजपा के साथ सरकार बनाने और समर्थन देने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने इनेलो को भाजपा की बी-टीम बताया था।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 में इनेलो ने रोहतक में भाजपा को हटाने की बात कही थी, जबकि वहां की सभी विधानसभा सीटें कांग्रेस के पास थीं। अब 2026 में नूंह में सम्मान समारोह के जरिए भाजपा हटाने की बात की जा रही है, जबकि वहां भी कांग्रेस का मजबूत जनाधार है। उनके अनुसार इनेलो ऐसे क्षेत्रों में कांग्रेस को कमजोर करने का प्रयास करती है, जिससे भाजपा को फायदा मिलता है।
जस्सी पेटवाड़ ने सरकार और इनेलो के बीच सांठगांठ का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद मामला दर्ज कर दिया गया, जबकि इनेलो के एक विधायक द्वारा अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के नेता गोपाल कांडा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम कार्यकर्ताओं से भाजपा विरोधी नारे लगवाए जाते हैं, जबकि उनके परिवार के लोगों की भाजपा से राजनीतिक नजदीकियां बनी रहती हैं।
विधायक ने कहा कि इनेलो नेताओं की राजनीति कांग्रेस विरोध तक सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा को सत्ता से हटाना है तो सभी विपक्षी दलों को कांग्रेस के साथ आना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि लीगल नोटिस का जवाब वह कानून के दायरे में रहकर देंगे।
इससे पहले जींद के कंडेला गांव स्थित दादा खागड़ की समाधि पर जस्सी पेटवाड़ के जाने और कंडेला कांड का मुद्दा उठाने पर भी विवाद हुआ था। उस समय इनेलो नेत्री सुदेश कंडेला और खाप प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए समाधि स्थल को गंगाजल से धोकर दोबारा पवित्र करने का दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक ने यह कदम जानबूझकर उठाया और यह भाजपा के इशारे पर किया गया।
pooja