सोनीपत के खरखौदा में बिना डिग्री और अनुमति के चल रहा था मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
सोनीपत के खरखौदा में CM फ्लाइंग ने अवैध मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर छापा मारा। बिना डिग्री युवक अस्पताल चला रहा था, मौके पर मरीज और अनट्रेंड स्टाफ मिले।
■ सोनीपत के खरखौदा में बिना डिग्री और अनुमति के चल रहा था मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
■ सीएम फ्लाइंग की रेड में भर्ती मरीज, अनट्रेंड स्टाफ और अवैध लैब मिली
■ अस्पताल सील करने और दवाइयां जब्त करने की तैयारी, केस दर्ज होगा
हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बिना किसी वैध डिग्री, रजिस्ट्रेशन और सरकारी अनुमति के एक तथाकथित मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल लंबे समय से संचालित किया जा रहा था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब शिकायत मिलने पर सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि अस्पताल में अनट्रेंड स्टाफ के भरोसे मरीजों का इलाज किया जा रहा था। मौके पर दवाइयां, लैब और भर्ती मरीज भी मिले। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था।
यह कार्रवाई खरखौदा के दिल्ली चौक स्थित पीसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में की गई। जांच में सामने आया कि अस्पताल को गांव पाई निवासी अनिल चला रहा था, जिसने केवल 12वीं के बाद जीएनएम (नर्सिंग) का कोर्स किया हुआ है। उसके पास अस्पताल संचालन से जुड़ी कोई वैध डिग्री, रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं मिला।
रेड के दौरान गांव निलोठी की एक महिला मरीज अस्पताल में भर्ती मिली, जिसे सांस की बीमारी के चलते रखा गया था। टीम के अनुसार, उसका इलाज प्रशिक्षित डॉक्टर की बजाय अनट्रेंड स्टाफ द्वारा किया जा रहा था, जो मरीज की जान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता था।
जांच में अस्पताल के अंदर पांच अन्य कर्मचारी भी मिले, जिनके पास किसी प्रकार का मेडिकल प्रशिक्षण या डिग्री नहीं थी। इसके अलावा अस्पताल में एक लैब भी संचालित की जा रही थी, जहां विभिन्न टेस्ट किए जा रहे थे।
टीम को पता चला कि लैब को दीपक नाम का व्यक्ति चला रहा था, जबकि लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर था। अधिकारियों ने इसे गंभीर नियम उल्लंघन माना है।
छापेमारी के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना अनुमति दवाइयां रखी गई थीं और मरीजों से इलाज के साथ दवाइयों और फीस के नाम पर पैसा वसूला जा रहा था। पूरा अस्पताल बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और मेडिकल मानकों के संचालित हो रहा था।
जानकारी के अनुसार, यह अस्पताल वर्ष 2021 से किराए की बिल्डिंग में चल रहा था। अस्पताल के लिए करीब 40 हजार रुपये मासिक किराया दिया जा रहा था।
सीएम फ्लाइंग टीम ने मौके पर पुलिस को सूचना दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर अस्पताल को सील करने और दवाइयों सहित अन्य सामान जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खरखौदा हेल्थ विभाग के डॉक्टर धीरज ने कहा कि बिना प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा इलाज करना बेहद खतरनाक है और इससे किसी भी मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
खरखौदा के हेल्थ विभाग के डॉक्टर धीरज का का कहना है कि इस तरह अनट्रेंड स्टाफ द्वारा मरीजों का इलाज करना बेहद खतरनाक है।
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग आगे सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
pooja