2 बच्चों का एयरफोर्स हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू: रील बनाने पानी की टंकी पर चढ़े थे; सीढ़ी टूटने से 3 नीचे गिरे, एक की मौत
सिद्धार्थनगर में रील बनाने के दौरान टंकी हादसे में एक बच्चे की मौत, दो घायल और दो बच्चों को 16 घंटे बाद एयरफोर्स हेलिकॉप्टर से सुरक्षित बचाया गया।
➤ रील बनाने के दौरान पानी की टंकी पर फंसे बच्चे, 16 घंटे बाद एयरफोर्स ने किया रेस्क्यू
➤ सीढ़ी टूटने से 3 बच्चे गिरे, एक की मौत, दो गंभीर घायल
➤ दलदल और बारिश के कारण रेस्क्यू में दिक्कत, MI-17 हेलिकॉप्टर से बचाई गई जान
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की कोशिश एक बड़े हादसे में बदल गई। जिले के काशीराम आवास कॉलोनी क्षेत्र में शनिवार को 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़े पांच बच्चों में से तीन नीचे गिर गए, जिसमें एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दो बच्चे टंकी पर फंस गए, जिन्हें करीब 16 घंटे बाद भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बचाया गया।
घटना शनिवार दोपहर करीब 3 बजे की है, जब बाले (12) अपने मामा के घर आया हुआ था। वह अपने साथियों गोलू (15), शनि (11), कल्लू (15) और पवन (16) के साथ पास की एक जर्जर पानी की टंकी पर रील बनाने के लिए चढ़ गया। कुछ देर बाद जब सभी नीचे उतरने लगे, तभी टंकी की पुरानी सीढ़ी अचानक टूट गई।
इस हादसे में बाले, शनि और गोलू नीचे गिर गए। गिरते समय सीढ़ी का मलबा बाले पर आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनि और गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं कल्लू और पवन किसी तरह लोहे की रॉड पकड़कर ऊपर ही फंसे रह गए और बाद में टंकी पर चढ़ गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बाले को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और एसएसपी अभिषेक महाजन सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती टंकी के आसपास का दलदली इलाका रहा। प्रशासन ने पहले हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बच्चों को उतारने की कोशिश की, लेकिन रास्ता नहीं होने के कारण मशीन वहां तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद करीब 150 मीटर सड़क बनाने का काम शुरू किया गया, जिसमें रात तक लगभग 120 मीटर काम पूरा भी हो गया।
इसी बीच रात करीब 3 बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे काम रोकना पड़ा और स्थिति और गंभीर हो गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सेना और वायुसेना से मदद मांगी।
रविवार सुबह करीब 5:20 बजे भारतीय वायुसेना का MI-17 हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा और दोनों फंसे बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद उन्हें गोरखपुर एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट किस तरह जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर रखें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
Akhil Mahajan