ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप

सोनीपत में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर परिवार ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो और ऑडियो के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।

ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप

सोनीपत में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए

वीडियो में डॉक्टर बोलीं- मुझे लेजर ऑपरेशन करना नहीं आता

ऑडियो में कहा- मां की कमी पूरी करूंगी, रोज खाना बनाकर भेजूंगी

हरियाणा के सोनीपत में एक महिला की ऑपरेशन के बाद मौत होने का मामला तूल पकड़ गया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की छोटी आंत कट गई, जिससे इंफेक्शन और ब्लीडिंग हुई और बाद में उसकी मौत हो गई।

महिला का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर, इनसेट में मृतक की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

मामला मुरथल रोड स्थित पार्क निदान अस्पताल का है। मृतका की पहचान संतोष देवी के रूप में हुई है। घटना से जुड़ा एक वीडियो और ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर कथित तौर पर अपनी गलती स्वीकार करती सुनाई दे रही हैं।

अस्पताल में हंगामा करते परिजनों को समझाते डॉक्टर।

परिवार के मुताबिक, संतोष देवी को लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत थी। जांच में पेट में रसौली होने का पता चला। इसके बाद 25 मार्च को परिवार ने अस्पताल में डॉक्टरों से संपर्क किया। डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया कि महिला का दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) तरीके से ऑपरेशन किया जाएगा।

परिजनों का कहना है कि डॉ. विजेता ने ऑपरेशन किया था।

मृतका के बेटे रोहित ने बताया कि 26 मार्च को अस्पताल में 25 हजार रुपए जमा करवाए गए। ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन इसी दौरान डॉक्टरों ने कथित तौर पर महिला की छोटी आंत काट दी। इसके बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना जानकारी दिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की जगह ओपन सर्जरी कर दी। शाम को जब रोहित अपनी मां से मिला तो उन्होंने बताया कि पेट को काटकर बड़ा ऑपरेशन किया गया है। इसके बाद परिवार को पूरी घटना का पता चला।

अस्पताल में महिला की मौत के बाद बिलखते परिजन।

ऑपरेशन के बाद संतोष देवी की हालत लगातार बिगड़ती गई। परिवार का कहना है कि डॉक्टर दर्द की असली वजह बताने के बजाय केवल इंजेक्शन देकर दर्द कम करने की कोशिश करते रहे। बाद में सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें पेट में इंफेक्शन सामने आया।

रोहित के अनुसार, बाद में डॉक्टरों ने खुद माना कि छोटी आंत कट गई थी और इंफेक्शन फैल गया है। इसके बाद दोबारा ऑपरेशन की बात कही गई। परिवार का आरोप है कि दूसरे ऑपरेशन से पहले अस्पताल ने फिर से 20 हजार रुपए मांगे और ब्लैंक पेपर पर साइन करवाए।

दूसरे ऑपरेशन के बाद भी संतोष देवी की हालत में सुधार नहीं हुआ और 31 मार्च को उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

सोनीपत के पार्क निदान अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा था।

इस मामले में सामने आए एक वीडियो में डॉक्टर विजेता दहिया कथित तौर पर कहती नजर आ रही हैं कि “सारी जिम्मेदारी मेरी है। मुझे दूरबीन से ऑपरेशन करना नहीं आता।” हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं एक ऑडियो क्लिप में डॉक्टर भावुक होकर परिवार से कहती सुनाई दे रही हैं कि “भैया, आपकी मदर एक्सपायर हुई है, मैं इतनी जिम्मेदारी लेती हूं कि आपके घर में रोज खाना बनाकर भेजूंगी, आपकी मां की कमी पूरी करूंगी।”

ऑडियो में डॉक्टर के पति भी यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि ऑपरेशन किसी दूसरे डॉक्टर ने किया था और अस्पताल उनकी पत्नी पर दबाव बना रहा है। दावा किया गया कि डॉक्टर विजेता ओपन सर्जरी करती हैं, जबकि लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया किसी अन्य डॉक्टर द्वारा की जाती थी।

मामले में मुरथल थाना प्रभारी राजीव ने कहा कि परिवार की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। इलाज से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। परिवार ने उस समय पोस्टमार्टम नहीं करवाया था, जिससे जांच में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं।

उधर, अस्पताल प्रशासन और संबंधित डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।