बदमाशों की कार समझकर पुलिस ने छात्र का कर दिया एनकाउंटर

सोनीपत में बदमाशों का पीछा कर रही पुलिस ने गलती से एक छात्र की कार पर गोली चला दी। फायरिंग में छात्र घायल हो गया, जबकि उसका दोस्त बच गया। परिजनों ने पुलिस कमिश्नर ममता सिंह से कार्रवाई की मांग की।

बदमाशों की कार समझकर पुलिस ने छात्र  का कर दिया  एनकाउंटर

नाकाबंदी के दौरान युवक को पैर में गोली, दूसरा हिरासत में
परिजनों ने बताया फर्जी मुठभेड़, निष्पक्ष जांच की मांग
पुलिस का दावा—संदिग्ध वाहन देखकर भागे युवक, कार्रवाई जरूरी थी


हरियाणा के सोनीपत जिले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान एक छात्र को गोली लगने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

शौर्य  के पैर में गोली मारी गई है और देर रात इलाज के बाद परिजन उसे अपने घर सोनीपत लेकर आ गए हैे।(फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

घायल युवक की पहचान शौर्य के रूप में हुई है, जिसे पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी अमित को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बताया जा रहा है कि पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध हुंडई वेन्यू कार रोहतक से सोनीपत की तरफ आ रही है। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने गोहाना-फरमाणा रोड पर नाकाबंदी की। पुलिस के अनुसार, जैसे ही संदिग्ध कार को रोका गया, उसमें सवार युवक भागने लगे, जिसके बाद अफरा-तफरी में गोली चल गई और शौर्य घायल हो गया।

हालांकि, परिजनों का दावा इससे बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि दोनों युवक किसी वारदात में शामिल नहीं थे, बल्कि साइट पर काम देखने गए थे और वहां से सिर्फ कोल्ड ड्रिंक लेने निकले थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना पहचान किए जल्दबाजी में गोली चला दी।

घटना के बाद परिजन और इनेलो कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे और विरोध जताया। उनका कहना है कि शौर्य का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, फिर भी उसे निशाना बनाया गया।

मामला बढ़ता देख परिजन और पार्टी पदाधिकारी पुलिस कमिश्नर से भी मिले। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, जिससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध गाड़ी की सूचना मिली थी और उसी आधार पर कार्रवाई की गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह वास्तव में मुठभेड़ थी या कोई बड़ी चूक


संभावित सवाल जो उठ रहे हैं

  • क्या पुलिस ने पहचान किए बिना गोली चला दी?
  • क्या इनपुट सही था या गलतफहमी में कार्रवाई हुई?
  • क्या जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?