महापंचायत पर खट्टर का तीखा वार, बोले हल्की राजनीति कर रहे दुष्यंत

हिसार प्रकरण पर दुष्यंत चौटाला की महापंचायत और छात्र समर्थन को लेकर मनोहर लाल खट्टर ने इसे हल्की राजनीति बताया और VC ऑफिस घटना को अलोकतांत्रिक करार दिया।

महापंचायत पर खट्टर का तीखा वार, बोले हल्की राजनीति कर रहे दुष्यंत

➤ महापंचायत और छात्र समर्थन को लेकर खट्टर ने दुष्यंत पर साधा निशाना
➤ वीसी ऑफिस में घुसने की घटना को बताया अलोकतांत्रिक तरीका
➤ बोले, ऐसी राजनीति से टकराव बढ़ता है, लोकतंत्र में शांति जरूरी


हिसार प्रकरण को लेकर बुलाई गई महापंचायत और छात्रों से समर्थन मांगने के मुद्दे पर हरियाणा की सियासत गर्म हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दुष्यंत चौटाला के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

खट्टर ने कहा कि उन्हें पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन जिस तरह से घटनाएं सामने आई हैं, वह सही संकेत नहीं देतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की गतिविधियां केवल राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देती हैं और समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करती हैं।

उन्होंने दुष्यंत चौटाला के राजनीतिक अंदाज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका अपना तरीका है, लेकिन यह बहुत हल्के स्तर की राजनीति है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से कोई समाधान नहीं निकलता, बल्कि स्थिति और बिगड़ती है।

खट्टर ने एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें कुछ लोग चांसलर (वीसी) के ऑफिस में जबरदस्ती घुसते नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह किसी भी स्थिति में सही नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन वह संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हों या आम जनता, किसी भी मुद्दे को उठाने के लिए लोकतांत्रिक माध्यम अपनाना जरूरी है। जबरन घुसपैठ या दबाव बनाने की कोशिशें केवल कनफ्लिक्ट की स्थिति पैदा करती हैं, जो किसी के हित में नहीं होती।

इसके साथ ही खट्टर ने अपनी सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में प्रशासनिक और सरपंचों की कई बैठकें की हैं, जिनमें गांवों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अधूरे काम पूरे करने, बजट की कमी दूर करने और जमीन से जुड़े मामलों को सुलझाने पर है।

उन्होंने दावा किया कि करनाल जिले की 395 पंचायतों में अधिकांश विकास कार्य पूरे हो चुके हैं और आने वाले समय में शेष कार्य भी पूरे कर लिए जाएंगे।

इस बयान के बाद हरियाणा में महापंचायत बनाम सरकार की राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर आगे सियासी माहौल किस दिशा में जाता है।