हरियाणा में 30 हजार निकाय कर्मचारी हड़ताल पर, सरकार अलर्ट
हरियाणा में 30 हजार निकाय और फायर कर्मचारी आज से हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार से वार्ता विफल रही, जबकि हड़ताल करने वालों की सैलरी काटने के आदेश जारी हुए हैं।
हरियाणा में 30 हजार निकाय कर्मचारी आज से हड़ताल पर
■ सरकार और कर्मचारी संघ की वार्ता बेनतीजा रही
■ हड़ताल करने वालों की सैलरी काटने के आदेश जारी
हरियाणा में नगर निकाय कर्मचारियों और फायर कर्मियों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। राज्यभर के करीब 30 हजार सफाई कर्मचारियों ने आज से हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
चंडीगढ़ में हुई बैठक में शहरी निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की। उन्होंने सफाई अभियान और आम जनता को होने वाली परेशानी का हवाला दिया, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने साफ कह दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारी संघ का कहना है कि सरकार सफाई और सीवर व्यवस्था में ठेका प्रथा खत्म करे। इसके अलावा ठेके पर लगे कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेकर उन्हें न्यूनतम 30 हजार रुपए वेतन देने का आदेश जारी किया जाए। संघ नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार समाधान की बजाय टालमटोल कर रही है।
वार्ता विफल होने के बाद सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है। शहरी निकाय विभाग की ओर से एक पत्र जारी कर हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस कदम के बाद कर्मचारियों में और नाराजगी बढ़ गई है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 2 मई तक मांगों के समाधान का रास्ता नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उधर, प्रदेश के दमकल केंद्रों पर भी आंदोलन तेज हो गया है। फायर कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 5 दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। फायर कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
निकाय कर्मचारियों और फायर कर्मियों की हड़ताल का असर आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था और दमकल सेवाओं पर भी पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
pooja