Video:कुलदीप बिश्नोई की बीजेपी से बढ़ सकती है दूरी, रेखा शर्मा व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बताई औकात

कुलदीप बिश्नोई ने चौधरी भजनलाल के सम्मान को लेकर विवादित बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए माफी की मांग की और सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी।

Video:कुलदीप बिश्नोई की बीजेपी से बढ़ सकती है दूरी,  रेखा शर्मा व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बताई औकात

कुलदीप बिश्नोई के बगावती तेवरों से हरियाणा भाजपा में मंचा हड़कंप

➤ बिश्नोई समाज ने सांसद रेखा शर्मा के खिलाफ खोला कानूनी मोर्चा

➤ भजनलाल की विरासत पर छिड़ी जंग से सत्ता के समीकरण डगमगाने के संकेत


हरियाणा की राजनीति में स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की विरासत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े सियासी तूफान में तब्दील हो चुका है। भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने जिस तरह से अपनी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडोली पर सीधा हमला बोला है, उसने पार्टी के भीतर के अंतर्विरोधों को उजागर कर दिया है। कुलदीप बिश्नोई ने रेखा शर्मा की औकात पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'थोप गया नेता' करार दिया और स्पष्ट कहा कि भजनलाल जी एक युगपुरुष थे, जिनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह मामला अब केवल जुबानी जंग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि बिश्नोई सभा हिसार ने सिटी थाने पहुंचकर रेखा शर्मा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाकर इसे कानूनी मोड़ दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिश्नोई का यह आक्रामक रुख भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है, क्योंकि उन्होंने अपने 7.5 प्रतिशत व्यक्तिगत वोट बैंक की ताकत याद दिलाई है।

कुलदीप ने साफ चेतावनी दी है कि यदि रेखा शर्मा ने माफी नहीं मांगी और संगठन ने सुधार नहीं किया, तो वे अर्श से फर्श पर लाने की ताकत रखते हैं। बिश्नोई समाज की यह एकजुटता हरियाणा की आने वाली राजनीति में नए गठबंधन या विद्रोह का संकेत दे रही है। बिश्नोई ने खुद को 'बब्बर शेर' बताते हुए यह साफ कर दिया है कि वे भले ही अनुशासित सिपाही हैं, लेकिन उनके स्वाभिमान और पिता की प्रतिष्ठा से समझौता होने पर वे बगावत का झंडा बुलंद करने से पीछे नहीं हटेंगे।

“आप सभी को मेरा नमस्कार। सबसे पहले मैं हरियाणा की जनता, सभी बड़े नेताओं, समाज के सम्मानित व्यक्तियों और लाखों समर्थकों का आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही चौधरी Bhajan Lal जी के करोड़ों अनुयायियों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मेरे पिताजी के सम्मान में खुलकर अपनी आवाज उठाई और यह साबित किया कि सच्चाई कभी अकेली नहीं होती।

आपका यह साथ मेरे लिए केवल शब्द नहीं है, बल्कि यह मेरा विश्वास, मेरी शक्ति और मेरा आधार है।

साथियों, कुछ नाम समय के साथ बड़े नहीं होते, बल्कि कुछ नाम समय को महान बना देते हैं। चौधरी भजनलाल जी ऐसा ही एक नाम थे। वे सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक युग थे — संघर्ष का युग, सेवा का युग और जनता के लिए समर्पण का युग। उन्होंने राजनीति नहीं की, उन्होंने जनसेवा की। उन्होंने कभी अपने काम का प्रचार नहीं किया, लेकिन जनता ने उन्हें हमेशा सम्मान दिया।

कुछ लोग इतिहास पढ़ते हैं, लेकिन कुछ लोग इतिहास रचते हैं — और मेरे पिताजी उन्हीं में से एक थे।

मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि इतिहास कोई अफवाह नहीं होता और किसी जननेता की विरासत कोई खिलौना नहीं होती, जिसे कोई अपनी सुविधा के अनुसार तोड़-मरोड़ दे। मेरे पिताजी ने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित किया।

आज उनके नाम पर सवाल खड़े करने की कोशिश हो रही है। मैं स्पष्ट और निर्भीक होकर कहना चाहता हूं — रेखा जी, आपका वक्तव्य सिर्फ एक भूल नहीं है, बल्कि आपकी सोच की कमजोरी को दर्शाता है।

चौधरी भजनलाल जी एक व्यक्ति नहीं, एक संस्था थे। उन्होंने सत्ता की कुर्सी पर नहीं, बल्कि लोगों के दिलों पर राज किया। जब आप उन पर सवाल उठाती हैं, तो आप सिर्फ एक बेटे को नहीं, बल्कि हर उस गरीब, किसान और मजदूर को चुनौती देती हैं, जिसकी आवाज मेरे पिताजी थे।

इतिहास पर बोलना आसान है, लेकिन इतिहास को समझना और उसे रचना बहुत कठिन होता है।

मैं आपको साफ शब्दों में कहना चाहता हूं — मुझे मजबूर मत करिए कि मैं कोई बड़ा कदम उठाऊं। क्या आप चाहती हैं कि मैं आपको फिर से अर्श से फर्श पर ले आऊं?

मैं भारतीय जनता पार्टी का एक अनुशासित सिपाही हूं, इसलिए अभी सिर्फ आपको चेतावनी दे रहा हूं। वरना मैं कदम उठा चुका होता।

मैं पार्टी नेतृत्व से कहना चाहता हूं कि तुरंत प्रभाव से रेखा जी से माफी मंगवाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चौधरी भजनलाल जी का नाम सम्मान के साथ लिया जाए।

अगर माफी नहीं मांगी गई, तो यह मामला यहीं नहीं रुकेगा। मुझे मजबूर मत करिए।

मैं आज भी वही बब्बर शेर हूं — शेर को पिंजरे में रखा जा सकता है, लेकिन उसकी ताकत को कोई खत्म नहीं कर सकता।

अंत में, मैं एक बार फिर उन सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरे पिताजी के सम्मान में मेरा साथ दिया — चाहे फोन के जरिए या सोशल मीडिया पर। आप सभी का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं।

धन्यवाद, नमस्कार।”