तूफान में उखड़ा चीड़ का पेड़ चलती बोलेरो पर गिरा , 4 महिला शिक्षकों की मौ*त

कुल्लू के आनी में तेज तूफान के दौरान पेड़ गिरने से बोलेरो खाई में गिर गई, हादसे में 4 महिला शिक्षकों की मौत और 3 घायल।

तूफान में उखड़ा चीड़ का  पेड़  चलती बोलेरो पर गिरा , 4 महिला शिक्षकों की मौ*त

➤ तेज आंधी में जड़ से उखड़ा पेड़ चलती गाड़ी पर गिरा
➤ बोलेरो खाई में गिरी, 4 शिक्षिकाओं की मौके पर मौत
➤ 3 घायल, 2 को IGMC शिमला रेफर


हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में शनिवार शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। शमशर-गुगरा मार्ग पर बालीओल के पास करीब शाम 4:30 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान के बीच एक विशाल चीड़ का पेड़ जड़ से उखड़कर गुजर रही बोलेरो गाड़ी पर गिर गया। पेड़ का वजन इतना अधिक था कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और संतुलन बिगड़ने से पेड़ समेत गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।

इस बोलेरो में चालक समेत कुल सात लोग सवार थे, जिनमें छह स्कूल शिक्षक शामिल थे। इस भीषण दुर्घटना में चार महिला शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अन्य वाहनों के यात्री भी रुक गए और घायलों को गाड़ी से बाहर निकालने में मदद की।

घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल आनी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार शिक्षिकाओं को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल दो शिक्षिकाओं को बेहतर इलाज के लिए IGMC शिमला रेफर किया गया है, जबकि चालक का इलाज आनी अस्पताल में चल रहा है।

मृतकों की पहचान स्नेह लता, बंती कौंडल, उषा कुमारी और सीमा आजाद के रूप में हुई है। ये सभी शिक्षिकाएं अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत थीं और स्कूल से अपने घर लौट रही थीं। उनकी असमय मौत से पूरे शिक्षा विभाग और इलाके में गहरा शोक फैल गया है।

घायलों में सुरेश चंद (42), तारा देवी (47) और रीना कुमारी (40) शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज तूफान के कारण सड़क किनारे खड़ा पेड़ अचानक गिरा और सीधे वाहन पर आ गिरा, जिससे किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनेट ने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस दुखद हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए और घायलों के इलाज में कोई कमी न रखी जाए।