समालखा में 7 साल से अधूरा फ्लाईओवर बना मुसीबत: गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
समालखा में 6-7 साल से अधूरे सड़क और फ्लाईओवर निर्माण से परेशान ग्रामीणों ने एक घंटे तक जाम लगाया, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी।
➤ 6-7 साल से अधूरा काम, गांव वाले परेशान
➤ एक दिन काम, कई दिन बंद—ठेकेदार पर आरोप
➤ स्कूल बस, नौकरीपेशा लोग रोजाना झेल रहे दिक्कत
हरियाणा के Samalkha से मनाना रोड पर चल रहे फ्लाईओवर और सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से काम अधूरा रहने से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक ग्रामीण सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 6 से 7 साल से यह काम चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ। आरोप है कि ठेकेदार एक-दो दिन काम करता है और फिर कई दिनों तक काम बंद रहता है। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के कारण आसपास के कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। पैदल चलने के लिए भी कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है।
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से 6-7 गांव जुड़े हुए हैं, जिनके लोग रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं। खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल बसों के लिए रास्ता बेहद खराब है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क पर धूल उड़ती रहती है और पानी का छिड़काव नहीं किया जाता। ऐसे में गर्मी और बरसात दोनों मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है।
एक ग्रामीण ने कहा कि रेलवे ने अपना काम पूरा कर लिया है, लेकिन सड़क का ठेकेदार बेहद लापरवाह है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों से मिलने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विधायक स्तर तक शिकायत पहुंचाई गई, लेकिन केवल औपचारिकता निभाई गई और जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुआ। मजबूरी में लोगों को सड़क जाम करना पड़ा।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। SHO और उनकी टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया और जाम खुलवाया। हालांकि लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा बड़ा आंदोलन करेंगे।
Akhil Mahajan