भीषण अग्निकांड, 4 मंजिला बिल्डिंग में 9 लोगों की मौत

दिल्ली के विवेक विहार में चार मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। कई शव बुरी तरह जल गए। AC ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट की जांच जारी है।

भीषण अग्निकांड, 4 मंजिला बिल्डिंग में 9 लोगों की मौत

दिल्ली के विवेक विहार में 4 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग, 9 लोगों की मौत

कुछ शव इतने जले कि सिर्फ कंकाल बचे, DNA टेस्ट से होगी पहचान

AC ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट की आशंका, 15 लोगों को रेस्क्यू किया गया

राजधानी दिल्ली के शाहदरा इलाके स्थित विवेक विहार में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। यहां एक चार मंजिला रिहायशी बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 4 पुरुष, 4 महिलाएं और डेढ़ साल का एक मासूम बच्चा शामिल है।

हादसा विवेक विहार के ब्लॉक-बी स्थित एक बिल्डिंग में हुआ, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही मिनटों में दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल इसकी चपेट में आ गईं। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते नजर आए।

आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल के फ्लैट्स में लगी थी।

दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह करीब 3:47 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 8 बजे आग पर काबू पाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में दो लोग घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक घायल करीब 30 प्रतिशत तक झुलस गया, जिसे गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि कुछ शव पूरी तरह जल चुके थे और केवल कंकाल ही बचे हैं। कई शवों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की पुष्टि अब DNA टेस्ट के बाद ही हो सकेगी।

मौके पर मृतकों के जानने वालों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग के पहले फ्लोर से 1 शव, दूसरे फ्लोर से 5 शव और सीढ़ियों से 3 शव बरामद किए गए। आशंका जताई जा रही है कि कई लोग जान बचाने के लिए छत की तरफ भागे थे, लेकिन धुएं और आग के कारण बाहर नहीं निकल सके।

दूसरी मंजिल पर मिले मृतकों की पहचान अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन, बेटे निशांत जैन, बहू आंचल जैन और डेढ़ साल के पोते आकाश जैन के रूप में हुई है। वहीं तीसरी मंजिल पर नितिन जैन, उनकी पत्नी शैले जैन और बेटे सम्यक जैन मृत पाए गए। पहली मंजिल पर शिखा जैन का शव मिला, जबकि उनके पति नवीन जैन घायल बताए गए हैं।

आग इतनी भयावह थी कि पूरी बिल्डिंग धुएं से काली हो गई।

फायर विभाग के अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि बिल्डिंग के हर फ्लोर पर दो 4BHK फ्लैट बने हुए थे। आग पीछे के हिस्से में लगी थी, जहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। 6 फ्लैट्स का सामान पूरी तरह जल गया।

बिल्डिंग से आग बुझाने के बाद शवों को एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि खिड़कियों और बालकनी पर लगी लोहे की ग्रिल और रॉड के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने कई लोगों की जान बचाई।

फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो सकी है। कुछ लोगों ने शॉर्ट सर्किट को हादसे का कारण बताया है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि AC में ब्लास्ट होने के बाद आग तेजी से फैली। पुलिस और फायर विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

आग इतनी भीषण थी कि धुएं का गुबार करीब 5 किमी दूर से दिखाई दे रहा था।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।