क्या आप भी चाय में डुबोकर खाते हैं रस्क? जानिए इसके बड़े नुकसान

चाय के साथ रोजाना रस्क खाने की आदत ब्लड शुगर, वजन, पाचन और दिल की सेहत पर असर डाल सकती है। जानिए विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी है।

क्या आप भी चाय में डुबोकर खाते हैं रस्क? जानिए इसके बड़े नुकसान

चाय के साथ रोजाना रस्क खाना सेहत पर पड़ सकता है भारी

मैदा, चीनी और रिफाइंड ऑयल से बढ़ सकता है कई बीमारियों का खतरा

विशेषज्ञों ने सीमित मात्रा में सेवन और हेल्दी विकल्प अपनाने की दी सलाह

भारत में सुबह और शाम की चाय के साथ रस्क या टोस्ट खाना एक आम आदत है। कई लोग इसे हल्का और हेल्दी स्नैक मानकर नियमित रूप से खाते हैं। खासकर बुजुर्गों और ऑफिस जाने वाले लोगों में चाय में रस्क डुबोकर खाने का चलन काफी लोकप्रिय है। हालांकि स्वाद और सुविधा के कारण पसंद किया जाने वाला यह खाद्य पदार्थ सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद नहीं होता।

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में मिलने वाले अधिकांश रस्क मैदा, चीनी, रिफाइंड ऑयल और प्रिजर्वेटिव्स से तैयार किए जाते हैं। इनका लगातार और अधिक मात्रा में सेवन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि रोजाना रस्क खाने से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा

अधिकांश पैकेज्ड रस्क में मैदा और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थ तेजी से पचते हैं और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा सकते हैं। यह स्थिति खासतौर पर डायबिटीज मरीजों के लिए नुकसानदायक मानी जाती है।

वजन बढ़ा सकता है रस्क

रस्क में कैलोरी की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है, जबकि पोषण कम होता है। यदि कोई व्यक्ति रोजाना अधिक मात्रा में रस्क खाता है तो उसके वजन बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।

पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं

रस्क में फाइबर की मात्रा बेहद कम होती है। इसके कारण लगातार सेवन करने पर कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

शरीर में पोषण की कमी का खतरा

रस्क पेट तो भर सकता है, लेकिन इसमें विटामिन, मिनरल और प्रोटीन जैसी जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा बहुत कम होती है। यदि इसे बार-बार स्नैक के रूप में खाया जाए तो शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।

दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है असर

कुछ पैकेज्ड रस्क में ट्रांस फैट और रिफाइंड ऑयल का उपयोग किया जाता है। लंबे समय तक इनका अधिक सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है।

बार-बार भूख लगने की समस्या

मैदा आधारित खाद्य पदार्थ जल्दी पच जाते हैं। ऐसे में रस्क खाने के कुछ समय बाद फिर से भूख लग सकती है। इससे ओवरईटिंग की संभावना बढ़ जाती है और वजन नियंत्रण में दिक्कत हो सकती है।

क्या रस्क पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित मात्रा में रस्क का सेवन आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता। हालांकि रोजाना कई रस्क खाने की बजाय मल्टीग्रेन बिस्किट, ड्राई फ्रूट्स, भुना चना या ताजे फल जैसे हेल्दी विकल्प अपनाना बेहतर माना जाता है।