गिरफ्तार JE की लगती रही हाजिरी

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गिरफ्तार JE की लगती रही हाजिरी

➤ गिरफ्तारी के बाद भी जेई रोहित सैनी की कार्यालय में दर्ज होती रही उपस्थिति

➤ नगर निगम कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश, दो रिटायर्ड क्लर्क भी जांच के घेरे में

➤ फर्जी हाजिरी रोकने के लिए लागू होगी फेस रिकॉग्निशन आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली


पानीपत। पंचकूला में करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में गिरफ्तार नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (JE) रोहित सैनी से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद भी नगर निगम कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में उनकी हाजिरी दर्ज होती रही। इस मामले के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है और कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है।

नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज राव ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की फर्जी हाजिरी पर रोक लगाने के लिए Face Recognition आधारित Biometric Attendance System लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

गिरफ्तारी के बाद भी लगती रही हाजिरी

जानकारी के अनुसार रोहित सैनी को 1 जुलाई को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी के अगले दिन भी कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में उनकी मौजूदगी दर्ज की गई। इसके बाद प्रशासन यह पता लगाने में जुट गया है कि यह हाजिरी किसने लगाई और इस पूरे मामले में किन कर्मचारियों की भूमिका रही।

दो रिटायर्ड क्लर्क जांच के घेरे में

सूत्रों के अनुसार नगर निगम से सेवानिवृत्त हो चुके ओमवीर और सोमवीर नामक दो क्लर्कों पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर इस काम के लिए उन्हें हर महीने लगभग 5 हजार रुपये दिए जाते थे। नगर निगम कमिश्नर ने दोनों के खिलाफ विस्तृत जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अब फेस रिकॉग्निशन से होगी अटेंडेंस

फर्जी हाजिरी की आशंका को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने Face Recognition आधारित Biometric Attendance System लागू करने का फैसला लिया है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों की उपस्थिति सीधे डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगी और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा हाजिरी लगाने की संभावना समाप्त हो जाएगी।

3.50 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला

रोहित सैनी पर 3.50 करोड़ रुपये की कथित ठगी का आरोप है। शिकायत के अनुसार उन्होंने हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से जुड़े 2.50 करोड़ रुपये के भुगतान और विजिलेंस जांच से बचाने का झांसा देकर रकम ली थी। शिकायतकर्ता शिव प्रकाश सिंह खेल सामग्री निर्माता कंपनी शिव नरेश प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं।

पुलिस की जांच लगातार जारी

रोहित सैनी को अदालत ने आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। रोहित के भाई मोहित की तलाश भी जारी है। इससे पहले दीपांशु को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसके खाते में कथित तौर पर ठगी की रकम आने की बात जांच में सामने आई है।