किसान की हत्‍या के मामले में ASP के ममेरे भाई समेत दो को फांसी की सजा

मुजफ्फरनगर कोर्ट ने 16 साल पुराने राजबीर सिंह हत्याकांड में पूर्व प्रधान प्रमोद चौधरी और सहदेव उर्फ पप्पू को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध माना।

किसान की हत्‍या के मामले में ASP के ममेरे भाई समेत दो को फांसी की सजा

16 साल पुराने राजबीर सिंह हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी की सजा

पूर्व प्रधान प्रमोद चौधरी और सहदेव उर्फ पप्पू पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना

अदालत ने मामले को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी का अपराध माना


मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की अदालत ने 16 साल पुराने राजबीर सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान प्रमोद चौधरी और उसके साथी सहदेव उर्फ पप्पू को फांसी की सजा सुनाई है। प्रमोद चौधरी को ASP अनुज चौधरी का ममेरा भाई बताया गया है। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सुनाया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि यह मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rare of the Rarest) श्रेणी का अपराध है। इसी आधार पर दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने का आदेश दिया गया।

अभियोजन के अनुसार 24 अगस्त 2010 को किसान राजबीर सिंह खेतों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।

करीब 16 वर्षों तक चले न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।