मेडिकल स्टोर की आड़ में चलता था अवैध क्लीनिक: CM फ्लाइंग की रेड में 2 मरीज मिले, नशीली दवाइयां और इंजेक्शन बरामद
पानीपत में CM फ्लाइंग ने मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे अवैध क्लीनिक पर रेड की। संचालक बिना डिग्री मरीजों का इलाज करता मिला। मौके से नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और फर्जी लैब फॉर्म बरामद हुए।
➤ पानीपत में मेडिकल स्टोर पर CM फ्लाइंग की बड़ी रेड
➤ बिना डिग्री मरीजों का इलाज करता मिला संचालक
➤ नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और फर्जी लैब फॉर्म बरामद
हरियाणा के पानीपत में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध तरीके से क्लीनिक चलाने और मरीजों का इलाज करने के मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (CM Flying) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने काबड़ी रोड स्थित न्यू सपना मेडिकल स्टोर पर रेड कर संचालक को बिना डिग्री इलाज करते हुए पकड़ा।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि मेडिकल स्टोर संचालक विक्रम बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा है। आरोप है कि मेडिकल स्टोर के पीछे बने एक कैबिन में अवैध क्लीनिक चलाया जा रहा था और वहीं मरीजों को इंजेक्शन व दवाइयां दी जा रही थीं।
सूचना के आधार पर 15 मई 2026 को CM फ्लाइंग करनाल रेंज की टीम ने सिविल अस्पताल पानीपत के डॉक्टरों और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर की संयुक्त टीम के साथ मेडिकल स्टोर पर छापा मारा।
उधर, इस मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए थाना पुराना औद्योगिक पानीपत पुलिस को शिकायत दी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रेड के दौरान 2 मरीज इलाज करवाते मिले
जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो मेडिकल स्टोर के अंदर दो मरीजों का इलाज किया जा रहा था। संचालक विक्रम ने टीम को मेडिकल स्टोर का लाइसेंस दिखाया, लेकिन इलाज से संबंधित कोई मेडिकल डिग्री पेश नहीं कर पाया।
टीम ने मेडिकल स्टोर और ऊपर बने रिहायशी मकान की तलाशी ली। इस दौरान वहां से Tramadol और Alprazolam 0.5 gm जैसी नशीली दवाइयां बरामद हुईं।
डस्टबिन में मिले इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन और सिरिंज
मेडिकल स्टोर के पीछे बने कैबिन की जांच में टीम को डस्टबिन से इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, सिरिंज, दवाइयां, यूज वायल, बीपी अपरेटस और स्टेथोस्कोप मिले। इससे साफ संकेत मिला कि यहां नियमित रूप से मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
जांच अधिकारियों ने मौके से बरामद मेडिकल उपकरणों और दवाइयों का सीजर स्पॉट मेमो तैयार किया और उन्हें कब्जे में लिया।
बिना डॉक्टर और तकनीशियन के चल रही थी लैब
रेड के दौरान मेडिकल स्टोर के सामने बनी नीरजा लैब की भी जांच की गई। यहां टीम को नीरजा लैब, मोहन लैब और डॉ खन्ना पाठक के नाम से रिपोर्टिंग फॉर्मेट मिले, जिनमें कुछ खाली और कुछ भरे हुए थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि किसी भी रिपोर्ट पर लैब तकनीशियन या डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं थे।
जांच टीम को शक है कि यहां बिना अधिकृत स्टाफ के अवैध रूप से टेस्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही थीं।
नशीली दवाओं की सैंपलिंग कर कब्जे में लिया
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने मौके पर मिली नशीली दवाओं की नियमानुसार सैंपलिंग की और उन्हें कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। टीम का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक विक्रम लोगों की जान को खतरे में डालकर खुद को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा था, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
Akhil Mahajan