5 फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर-SI बर्खास्त: ₹3.54 करोड़ धान घोटाले में बड़ा एक्शन, 33 हजार से ज्यादा बोरी गायब

करनाल में ₹3.54 करोड़ के धान घोटाले में हरियाणा सरकार ने 4 फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर को बर्खास्त कर दिया। जांच में 33759 बोरी धान गायब और फर्जी ट्रांसपोर्ट एंट्री सामने आई।

5 फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर-SI बर्खास्त: ₹3.54 करोड़ धान घोटाले में बड़ा एक्शन, 33 हजार से ज्यादा बोरी गायब

➤ 33759 बोरी धान स्टॉक से गायब मिला
➤ 5 इंस्पेक्टर और SI को सरकार ने किया बर्खास्त
➤ जांच में फर्जी ट्रांसपोर्ट और भारी गड़बड़ी उजागर


हरियाणा के करनाल में सामने आए करोड़ों रुपए के धान घोटाले में सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। फूड एंड सप्लाई विभाग के चार इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर धान खरीद, स्टॉक निगरानी और परिवहन में भारी अनियमितताओं के आरोप हैं, जिससे सरकार को करीब ₹3.54 करोड़ का नुकसान हुआ।

बर्खास्त किए गए अधिकारियों में समीर वशिष्ठ, संदीप शर्मा, यशवीर सिंह, लोकेश और सब इंस्पेक्टर रामफल शामिल हैं। विभाग के डायरेक्टर अंशज सिंह की ओर से यह कार्रवाई की गई।

मामले की शुरुआत गांव दादुपुर रोडान निवासी किसान देविंदर कुमार की शिकायत से हुई थी। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त करनाल ने एसडीएम की अगुआई में जांच टीम बनाई। जांच के दौरान कई मंडियों और राइस मिलों में धान के स्टॉक की फिजिकल जांच की गई, जिसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई।

जांच में पता चला कि मैसर्ज बटान फुड्स, गांव सलारू को 25 अक्टूबर 2025 तक कुल 67013 बैग धान आवंटित किए गए थे, लेकिन मौके पर जांच में 33759 बैग धान कम पाया गया। यह कमी करीब 12500.18 क्विंटल धान की थी। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इससे सरकार को ₹3,54,46,936 का आर्थिक नुकसान हुआ।

समीर वशिष्ठ पर क्या आरोप लगे

तत्कालीन इंस्पेक्टर समीर वशिष्ठ पर आरोप है कि उन्होंने पीआर इंचार्ज रहते हुए धान की निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती। जांच में सामने आया कि बटान फुड्स द्वारा बिना अनुमति धान को जुण्डला के भाटिया ओपन प्लिंथ में रखा गया। इसके अलावा 12 ट्रकों में से 10 ट्रकों की दूरी रिकॉर्ड में शून्य किलोमीटर दिखाई गई।

उनके खिलाफ 30 अक्टूबर 2025 को थाना सदर करनाल में केस दर्ज किया गया था। हालांकि अपने जवाब में उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई और उन्होंने कोई गलती नहीं की।

संदीप शर्मा पर फर्जी ट्रांसपोर्ट एंट्री का आरोप

इंस्पेक्टर संदीप शर्मा पर आरोप है कि जुण्डला मंडी से जारी 66 ट्रकों में से 24 ट्रकों की दूरी रिकॉर्ड में शून्य दिखाई गई। विभाग का मानना है कि यह फर्जी ट्रांसपोर्ट एंट्री का मामला हो सकता है। संदीप शर्मा ने भी अपने जवाब में सभी आरोपों को गलत बताया।

यशवीर सिंह और लोकेश पर भी कार्रवाई

तत्कालीन इंस्पेक्टर यशवीर सिंह के खिलाफ जांच में सामने आया कि घरौंडा मंडी से जारी 6 ट्रकों में से 3 ट्रकों की दूरी शून्य दर्ज थी। साथ ही स्टॉक में भी भारी कमी मिली।

वहीं इंस्पेक्टर लोकेश पर आरोप है कि निसिंग मंडी से भेजे गए 3 ट्रकों में से 2 ट्रकों की दूरी रिकॉर्ड में शून्य दिखाई गई और स्टॉक में भी गड़बड़ी मिली। दोनों अधिकारियों ने विभाग को दिए जवाब में खुद को निर्दोष बताया।

रामफल पर बिना अनुमति धान शिफ्ट करने का आरोप

सब इंस्पेक्टर रामफल पर आरोप है कि बीआरसी ओवरसीज, तरावड़ी में 855 मीट्रिक टन धान कम पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि धान को बिना अनुमति दूसरी मंडी में शिफ्ट किया गया। रामफल ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने अनुमति के लिए पहले ही विभाग को पत्र भेज दिया था।

विभागीय छवि को नुकसान, जांच अभी जारी

विभागीय आदेश में कहा गया है कि इस पूरे घोटाले से सरकारी छवि और विभाग की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पांचों अधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद अब मामले की गहन जांच जारी है। विभाग अन्य संभावित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।