रोहतक BJP में कारण बताओ नोटिस से बढ़ी सियासी तकरार

रोहतक भाजपा कार्यालय में दो नेताओं की बहस का वीडियो वायरल होने के बाद जारी कारण बताओ नोटिस ने नया विवाद खड़ा कर दिया। मामले पर संगठन में चर्चा तेज है।

रोहतक BJP में कारण बताओ नोटिस से बढ़ी सियासी तकरार

BJP कार्यालय में दो नेताओं की बहस का वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

कार्यालय सचिव ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, अधिकारों पर उठे सवाल

CM तक पहुंची शिकायत, संगठन में गुटबाजी और अनुशासन पर नई बहस


हरियाणा के रोहतक स्थित भाजपा जिला कार्यालय में जिला महामंत्री अभिनंदन भारद्वाज और जिला सचिव अंकुश बिड्डू के बीच हुई तीखी बहस अब नया राजनीतिक मोड़ ले चुकी है। दोनों नेताओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला कार्यालय सचिव द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस ने संगठन के भीतर नई चर्चा और विवाद को जन्म दे दिया है।

जानकारी के अनुसार, 27 जून को भाजपा कार्यालय में एक बैठक के दौरान किसी मुद्दे पर अभिनंदन भारद्वाज और अंकुश बिड्डू के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान मौजूद जिला सहसचिव शिव कुमार ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया।

इसी बीच जिला कार्यालय सचिव वीर सिंह हुड्डा ने अंकुश बिड्डू, अभिनंदन भारद्वाज और शिव कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर विवाद, वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने को लेकर जवाब मांगा। हालांकि पार्टी के भीतर इस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। नेताओं का कहना है कि इस स्तर का नोटिस जारी करने का अधिकार प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी या संगठन के प्रदेश महामंत्री के पास होता है, न कि जिला कार्यालय सचिव के पास।

दूसरी ओर, अभिनंदन भारद्वाज ने मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को भेजी शिकायत में अंकुश बिड्डू पर प्रशिक्षण शिविर के दौरान कथित अनुशासनहीनता, शराब सेवन, पार्टी कार्यालय में दबंगई, सरकारी अधिकारियों पर प्रभाव का इस्तेमाल करने तथा संगठन में गुटबाजी का माहौल बनाने जैसे आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद पार्टी नेतृत्व पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी बहस तेज हो गई है। संगठन के भीतर अब चर्चा इस बात की है कि क्या जिला कार्यालय सचिव ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।