NEET पेपर लीक में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार: CBI बोली- यही है मास्टरमाइंड, छात्रों को पहले ही बता देता था सवाल

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने पुणे के केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने उन्हें पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड बताया है।

NEET पेपर लीक में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार: CBI बोली- यही है मास्टरमाइंड, छात्रों को पहले ही बता देता था सवाल

➤ NEET पेपर लीक केस में 8वीं गिरफ्तारी
➤ पुणे के केमेस्ट्री प्रोफेसर PV कुलकर्णी अरेस्ट
➤ Telegram ग्रुप से 1 मई को लीक हुआ था पेपर


देशभर में हड़कंप मचाने वाले NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में CBI ने बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ही पूरे पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड है।

CBI के अनुसार कुलकर्णी कई सालों तक NEET पेपर तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रह चुका है और उसे परीक्षा पेपर तक सीधी पहुंच थी। आरोप है कि वह परीक्षा से पहले ही छात्रों को सवाल और उनके जवाब बता देता था।

घर से चलाता था कोचिंग, वहीं बांटे गए सवाल

जांच में सामने आया कि कुलकर्णी पुणे में अपने घर से ही कोचिंग क्लास चलाता था। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में उसने आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कई छात्रों को लीक सवाल उपलब्ध कराए।

CBI के मुताबिक 3 मई को होने वाले NEET एग्जाम से पहले ही छात्रों को संभावित सवाल और उनके सही जवाब याद करवाए गए थे।

Telegram ग्रुप में 1 मई को अपलोड हुआ पेपर

जांच एजेंसी को पता चला कि NEET 2026 का पेपर 1 मई की रात को ही “Private Mafia” नाम के Telegram ग्रुप पर अपलोड कर दिया गया था।

ग्रुप में 402 सदस्य जुड़े हुए थे और उसे कथित तौर पर पेपर लीक के मकसद से बनाया गया था। एडमिन ने पेपर अपलोड करने से पहले मैसेज किया था कि “फुल पेपर जल्द अपलोड होगा” और साथ में पासवर्ड भी शेयर किया गया था।

इसके बाद रात करीब 11:38 बजे PDF फाइल ग्रुप में डाल दी गई। दावा किया गया कि यही पेपर परीक्षा में आने वाला है।

असली पेपर से मैच हुए सवाल

जांच में यह भी सामने आया कि Telegram पर शेयर किए गए कई सवाल असली NEET पेपर से हूबहू मेल खाते थे।

सवाल नंबर 5 में वर्टिकली ऊपर जाती बॉल का फिजिक्स सवाल, सवाल नंबर 23 में प्रिज्म से गुजरती लाइट और सवाल नंबर 24 में इलेक्ट्रिक सर्किट वाला प्रश्न दोनों पेपर में एक जैसे पाए गए। यहां तक कि ऑप्शन और सवाल नंबर भी समान थे।

10 लाख में हुआ था पेपर का सौदा

CBI के अनुसार पेपर लीक का सौदा लाखों रुपए में हुआ। आरोप है कि आरोपी मांगीलाल ने अपने बेटे के लिए 10 लाख रुपए में लीक पेपर खरीदा था।

यश यादव, शुभम खैरनार और अन्य आरोपियों के जरिए Telegram और WhatsApp पर पेपर की PDF भेजी गई। बाद में इन सवालों की प्रिंट कॉपियां भी छात्रों और परिचितों में बांटी गईं।

जांच में सामने आया कि लीक पेपर के जरिए छात्रों को 500-600 संभावित सवालों का सेट दिया गया था, ताकि अच्छे नंबर हासिल कर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल सके।

CBI को 7 दिन की कस्टडी मिली

पेपर लीक मामले में CBI अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शुभम खैरनार, मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और यश यादव शामिल हैं।

CBI कोर्ट ने सभी आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में कितने सरकारी कर्मचारी, प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारी और कोचिंग नेटवर्क शामिल थे।

पेपर लीक से परेशान छात्रों की मौत

इस पूरे विवाद के बीच कई छात्रों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 21 वर्षीय छात्र, दिल्ली की 20 वर्षीय छात्रा और गोवा के 17 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट्स के अनुसार ये छात्र परीक्षा विवाद और मानसिक तनाव से परेशान थे।