हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, श्राइन बोर्ड संभालेगा चुलकाना धाम

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चुलकाना धाम विवाद पर बड़ा फैसला सुनाते हुए श्री श्याम मंदिर के संचालन के लिए श्राइन बोर्ड गठन के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, श्राइन बोर्ड संभालेगा चुलकाना धाम

चुलकाना धाम विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया

अब श्री श्याम मंदिर चुलकाना धाम का संचालन श्राइन बोर्ड करेगा

हरियाणा सरकार को जल्द श्राइन बोर्ड गठन के आदेश दिए गए

हरियाणा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री श्याम मंदिर चुलकाना धाम को लेकर चल रहा वर्षों पुराना कानूनी विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि अब मंदिर की व्यवस्था और संचालन एक श्राइन बोर्ड संभालेगा।

हाईकोर्ट की जस्टिस जगमोहन बंसल की अदालत ने हरियाणा सरकार और याचिकाकर्ताओं के बीच सहमति बनने के बाद यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने सरकार को जल्द से जल्द श्राइन बोर्ड का गठन करने के निर्देश दिए हैं।

फैसले के अनुसार बनने वाले इस बोर्ड में मंदिर सेवा समिति के एक सदस्य के साथ गांव का एक प्रतिनिधि भी शामिल किया जाएगा। इससे मंदिर प्रबंधन में स्थानीय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

जानकारी के अनुसार चुलकाना ग्राम पंचायत ने 27 अक्टूबर 2023 को चुलकाना धाम के संचालन के लिए श्राइन बोर्ड बनाने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन की रिपोर्ट सरकार को भेजी गई थी।

दरअसल हरियाणा सरकार ने 13 जनवरी 2025 को चुलकाना धाम का अधिग्रहण कर श्राइन बोर्ड बनाने का फैसला लिया था। इस फैसले को श्री श्याम मंदिर सेवा समिति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

समिति का तर्क था कि सरकार का यह कदम संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन करता है। वहीं ग्राम पंचायत ने दावा किया था कि मंदिर पंचायत की जमीन पर बना हुआ है और समिति ने अवैध कब्जा किया हुआ है।

सरकार की ओर से कोर्ट में यह भी बताया गया कि मंदिर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। वर्ष 2018 में दानपात्र चोरी की घटना में दो गार्डों की हत्या हुई थी, जबकि कुछ समय पहले श्याम बाबा की दो मूर्तियां चोरी होने की घटना भी सामने आई थी।

इन घटनाओं और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव को आधार बनाकर सरकार ने श्राइन बोर्ड बनाने का निर्णय लिया था। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो गया है।

फैसले के बाद चुलकाना गांव में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्राइन बोर्ड बनने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मंदिर व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।