₹590 करोड़ बैंक घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, 7 ठिकानों पर रेड

₹590 करोड़ IDFC बैंक घोटाले में CBI ने चंडीगढ़ और पंचकूला में 7 ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जबकि 5 IAS अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है।

₹590 करोड़ बैंक घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, 7 ठिकानों पर रेड

₹590 करोड़ बैंक घोटाले में CBI ने चंडीगढ़ और पंचकूला में 7 ठिकानों पर छापेमारी की

जांच एजेंसी ने ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कई अहम दस्तावेज जब्त किए

अब 5 IAS अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी, सरकार ने जांच की मंजूरी दी

हरियाणा के चर्चित ₹590 करोड़ IDFC बैंक घोटाले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ और पंचकूला में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑडियो-वीडियो सामग्री जब्त की है।

सूत्रों के अनुसार CBI को शुरुआती जांच में कई वरिष्ठ अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के बीच संदिग्ध लेन-देन और बातचीत के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी अब इन डिजिटल रिकॉर्डिंग्स और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है।

मामले में अब 5 IAS अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत CBI को इन अधिकारियों से पूछताछ की मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि एजेंसी जल्द ही इन अफसरों को नोटिस भेज सकती है।

जानकारी के मुताबिक ये अधिकारी पंचायत एवं विकास विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला नगर निगम और हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम जैसे विभागों में तैनात रहे हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सरकारी फंड को निजी बैंकों में जमा कराने और फर्जी खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने में कई स्तरों पर नियमों की अनदेखी हुई।

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब कुछ सरकारी विभागों ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट और खातों की जांच कराई। बैंक रिकॉर्ड और विभागीय आंकड़ों में करोड़ों रुपए का अंतर सामने आने के बाद मामला एंटी करप्शन ब्यूरो तक पहुंचा था। बाद में राज्य सरकार की सिफारिश पर CBI ने केस दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली।

जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी धन को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। इस मामले में अब तक कई बैंक अधिकारी, वित्तीय कर्मचारी और अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

इससे पहले हरियाणा सरकार दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सस्पेंड भी कर चुकी है। वहीं कई अन्य अधिकारियों के विभागों में बदलाव किए गए थे।