5 लाख की लूट निकली झूठी! पुरानी रंजिश में मारपीट को बताया डकैती
पानीपत के सेक्टर 11-12 में पांच लाख रुपये की लूट की कहानी झूठी निकली। पुलिस जांच में पुरानी रंजिश की मारपीट का खुलासा हुआ।
पानीपत में पांच लाख रुपये की लूट की कहानी निकली झूठी, पुलिस जांच में हुआ खुलासा
➤ पुरानी रंजिश में हुई मारपीट को दिया डकैती का रूप, दूसरे पक्ष को फंसाने की थी कोशिश
➤ मौके से मिले तीन लाख रुपये, डीएसपी बोले- झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों पर होगी कार्रवाई
पानीपत। हरियाणा के पानीपत में पांच लाख रुपये की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह झूठा निकला है। सोमवार देर शाम सेक्टर 11-12 में हुई घटना को पहले लूट की वारदात बताया गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि यह कोई लूट नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते हुई मारपीट का मामला था। पुलिस के अनुसार, दूसरे पक्ष को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने और आपसी झगड़े को बड़ा रूप देने के लिए पांच लाख रुपये की लूट की मनगढ़ंत कहानी तैयार की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से ही तीन लाख रुपये बरामद हो गए। इसके बाद लूट के दावे की सच्चाई सामने आ गई।
डीएसपी प्रदीप यादव ने बताया कि सोमवार शाम करीब आठ बजे सेक्टर 11 में सौरभ आनंद नामक युवक पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। घटना के तुरंत बाद सौरभ ने पुलिस को सूचना दी कि हमलावर उससे पांच लाख रुपये लूटकर फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि, जांच में पता चला कि वारदात के समय युवक के पास केवल तीन लाख रुपये ही थे और वह रकम भी घटनास्थल से बरामद हो गई। पुलिस के मुताबिक, लूट की कोई घटना नहीं हुई थी। फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
सेक्टर 11-12 में सोमवार शाम हुई थी मारपीट, पुलिस को दी पांच लाख रुपये लूटने की सूचना
पानीपत के सेक्टर 11-12 क्षेत्र में सोमवार देर शाम हुई एक घटना ने पुलिस को जांच में जुटा दिया था।
डीएसपी प्रदीप यादव के अनुसार, सोमवार शाम करीब आठ बजे सेक्टर 11 में सौरभ आनंद नामक युवक पर कुछ लोगों ने हमला किया था।
इस घटना के बाद सौरभ ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने उसके साथ मारपीट करने के अलावा पांच लाख रुपये भी लूट लिए हैं।
लूट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू की और कथित वारदात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
शुरुआत में मामला मारपीट के साथ लाखों रुपये की लूट का बताया जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर घटनाक्रम की अलग तस्वीर सामने आई।
घटनास्थल से ही बरामद हो गए तीन लाख रुपये, लूट के दावे पर उठे सवाल
पुलिस की जांच में सबसे महत्वपूर्ण बात उस समय सामने आई, जब घटनास्थल से ही तीन लाख रुपये बरामद हो गए।
डीएसपी प्रदीप यादव ने बताया कि जांच के दौरान मिली यह रकम उसी युवक के पास मौजूद थी, जिसने पांच लाख रुपये की लूट होने की सूचना दी थी।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय सौरभ आनंद के पास केवल यही तीन लाख रुपये थे।
ऐसे में पांच लाख रुपये लूटे जाने का दावा जांच में सही नहीं पाया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में लूट की कोई वारदात नहीं हुई थी।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले को पुरानी रंजिश से जुड़ी मारपीट बताया।
पुरानी रंजिश में हुआ था झगड़ा, दूसरे पक्ष को गंभीर मामले में फंसाने की थी कोशिश
पुलिस जांच के अनुसार, घटना के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश थी।
इसी रंजिश के चलते सौरभ आनंद और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच विवाद हुआ था।
डीएसपी प्रदीप यादव ने बताया कि आपसी झगड़े को बड़ा रूप देने और दूसरे पक्ष को संगीन आपराधिक मामले में फंसाने के उद्देश्य से लूट की कहानी तैयार की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, मारपीट की घटना को डकैती का रूप देने का प्रयास किया गया।
इसके लिए पांच लाख रुपये लूटे जाने की सूचना पुलिस को दी गई।
हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस की जांच में लूट का आरोप सही नहीं पाया गया।
इस तरह जांच में मारपीट और कथित लूट की सूचना के बीच अंतर सामने आया।
डीएसपी प्रदीप यादव ने किया खुलासा, बोले- लूट की कोई घटना नहीं हुई
मामले की जांच को लेकर डीएसपी प्रदीप यादव ने स्पष्ट किया कि पुलिस को दी गई पांच लाख रुपये की लूट की सूचना सही नहीं थी।
उन्होंने बताया कि सोमवार शाम करीब आठ बजे सौरभ आनंद के साथ मारपीट हुई थी।
इसके बाद सौरभ ने हमलावरों पर पांच लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया था।
पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की तो वहां से तीन लाख रुपये बरामद हुए।
डीएसपी के अनुसार, घटना के समय सौरभ के पास केवल यही रकम थी।
इसलिए जांच में पांच लाख रुपये की लूट होने की बात सामने नहीं आई।
पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते हुई मारपीट को लूट का मामला बनाने की कोशिश की गई थी।
पुलिस को गुमराह करने के लिए बनाई गई मनगढ़ंत कहानी, जांच में खुली सच्चाई
पुलिस के अनुसार, पांच लाख रुपये की लूट की सूचना देकर वास्तविक विवाद को अलग रूप में पेश करने का प्रयास किया गया।
मामले में जांच शुरू होने के बाद घटनास्थल से तीन लाख रुपये की बरामदगी हुई।
इसके बाद पुलिस ने घटना के समय मौजूद रकम और लूट के दावे की जांच की।
जांच में सामने आया कि जिस रकम की लूट होने की बात कही गई थी, वैसी कोई वारदात नहीं हुई थी।
पुलिस ने इसे मनगढ़ंत लूट की कहानी बताया है।
डीएसपी प्रदीप यादव के अनुसार, दूसरे पक्ष को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने के लिए आपसी झगड़े को डकैती का रूप देने का प्रयास किया गया था।
पीड़ित पक्ष ने अभी तक नहीं दी लिखित शिकायत, पुलिस को कार्रवाई के लिए आवेदन का इंतजार
इस मामले में पुलिस ने यह भी बताया है कि फिलहाल संबंधित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
डीएसपी प्रदीप यादव के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अभी किसी नई गिरफ्तारी या अलग मुकदमे की जानकारी नहीं दी है।
ऐसे में मारपीट की घटना को लेकर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी, यह शिकायत और जांच के आधार पर स्पष्ट होगा।
पुलिस ने कहा है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों को चेतावनी, सख्त कदम उठाने की बात
पानीपत पुलिस प्रशासन ने झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के मामलों को लेकर चेतावनी दी है।
पुलिस का कहना है कि किसी आपसी विवाद को गंभीर आपराधिक घटना का रूप देकर गलत सूचना देना उचित नहीं है।
ऐसी सूचना मिलने पर पुलिस को वास्तविक घटना की जांच करनी पड़ती है।
डीएसपी प्रदीप यादव ने बताया कि झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि, इस विशेष मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने की बात कही है।
पांच लाख की लूट का दावा, तीन लाख की बरामदगी; जानिए पूरा घटनाक्रम
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घटनाक्रम |
सामने आई जानकारी |
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घटना का स्थान |
सेक्टर 11-12, पानीपत |
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घटना का समय |
सोमवार शाम करीब आठ बजे |
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संबंधित युवक |
सौरभ आनंद |
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प्रारंभिक आरोप |
पांच लाख रुपये की लूट |
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पुलिस जांच में बरामद रकम |
तीन लाख रुपये |
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जांच में सामने आया मामला |
पुरानी रंजिश में मारपीट |
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पुलिस अधिकारी |
डीएसपी प्रदीप यादव |
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लिखित शिकायत |
फिलहाल प्राप्त नहीं हुई |
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आगे की कार्रवाई |
शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार |
पानीपत में कथित लूट का मामला पलटा, अब लिखित शिकायत और आगे की कार्रवाई पर नजर
पानीपत के सेक्टर 11-12 में सोमवार देर शाम हुई मारपीट की घटना को शुरुआत में पांच लाख रुपये की लूट बताया गया था।
लेकिन पुलिस जांच में घटनास्थल से तीन लाख रुपये बरामद होने और अन्य तथ्यों की पड़ताल के बाद लूट का दावा झूठा पाया गया।
डीएसपी प्रदीप यादव के अनुसार, मामला पुरानी रंजिश में हुई मारपीट का था और दूसरे पक्ष को गंभीर मामले में फंसाने के लिए लूट की कहानी बनाई गई थी।
फिलहाल संबंधित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है।
Akhil Mahajan