रिटायर्ड क्लर्क की ह*त्या का मामला: शव उठाने से परिजनों का इनकार, एनकाउंटर की मांग
करनाल के रिंडल में जमीन विवाद के हमले में घायल रिटायर्ड BSNL क्लर्क रामेश्वर की मौत। परिजनों ने शव लेने से इनकार किया, आठ नामजद।
करनाल में BSNL के रिटायर्ड क्लर्क रामेश्वर की हमले के 16 दिन बाद मौत, शव लेने से परिजनों का इनकार
➤ आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर अंबेडकर चौक पहुंचे परिजन, पुलिस ने समझाने का प्रयास किया
➤ साढ़े 10 किल्ले जमीन पर धान की फसल काटने से जुड़ा विवाद, 8 आरोपी नामजद और 2 गिरफ्तार
हरियाणा के करनाल जिले के रिंडल गांव में जमीन विवाद के दौरान हुए हमले में घायल BSNL के रिटायर्ड क्लर्क रामेश्वर (65) की 16 दिन बाद मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार ने शव उठाने से इनकार कर दिया और हमले के आरोपियों के एनकाउंटर की मांग शुरू कर दी। दोपहर को परिजन अपनी मांग को लेकर अंबेडकर चौक पहुंचे और सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें सड़क से एक तरफ किया और समझाने की कोशिश की। मौके पर डीएसपी नायब सिंह समेत पुलिस की कई टीमें मौजूद रहीं। पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन परिवार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है।
रामेश्वर पर 11 अक्टूबर को खेत में खड़ी धान की फसल काटने का विरोध करने के दौरान हमला हुआ था। इस घटना में उनका बेटा ओमदत्त भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। रामेश्वर का उपचार चल रहा था, लेकिन हमले के 16 दिन बाद उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने खेत में पहुंचने पर पिता-पुत्र पर कुल्हाड़ी, फरसे, लाठी और डंडों से हमला किया था। घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कुछ नकाबपोश लोग कार पर हथियारों से वार करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को नामजद किया है। इनमें से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
रामेश्वर की मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा, शव लेने से किया इनकार
करनाल के रिंडल गांव में जमीन विवाद के दौरान हुए हमले में घायल रामेश्वर की मौत के बाद परिवार में मातम के साथ गुस्सा भी है।
मंगलवार को परिजनों ने रामेश्वर का शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग उठाई है। इसी मांग को लेकर परिवार के सदस्य और अन्य लोग दोपहर को करनाल के अंबेडकर चौक पहुंचे।
यहां उन्होंने सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क से एक तरफ किया और बातचीत के जरिए समझाने का प्रयास शुरू किया।
डीएसपी नायब सिंह समेत पुलिस की कई टीमें मौके पर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि मामले में अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
हालांकि, परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे।
अंबेडकर चौक पर जाम लगाने पहुंचे परिजन, डीएसपी नायब सिंह ने संभाली स्थिति
रामेश्वर की मौत के बाद परिवार की नाराजगी बढ़ गई। परिजनों ने शव लेने से इनकार करने के साथ ही अपनी मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।
दोपहर के समय परिवार के सदस्य अंबेडकर चौक पहुंचे और सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को सड़क से एक तरफ किया, ताकि यातायात प्रभावित न हो।
डीएसपी नायब सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी परिवार के सदस्यों से बातचीत करते रहे।
पुलिस की ओर से बताया गया कि मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अधिकारियों ने परिजनों से सहयोग करने की अपील की।
11 अक्टूबर को धान की फसल काटने से शुरू हुआ विवाद, पिता-पुत्र पर हमले का आरोप
रामेश्वर के भतीजे सोनू के अनुसार, घटना की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई थी।
उस दिन रामेश्वर को उनके बेटे ओमदत्त का फोन आया था। ओमदत्त ने बताया कि दूसरे पक्ष के लोग खेत में कंबाइन मशीन से धान की फसल काट रहे हैं।
यह जानकारी मिलने के बाद रामेश्वर अपने बेटे और दो अन्य साथियों के साथ खेत में पहुंचे।
परिवार के अनुसार, जब उन्होंने फसल काटने का विरोध किया तो वहां विवाद बढ़ गया।
सोनू का आरोप है कि इसी दौरान गन्ने के खेत से कई लोग बाहर निकले और उन्होंने रामेश्वर तथा उनके बेटे ओमदत्त पर हमला कर दिया।
हमलावरों के पास कुल्हाड़ी, फरसे, लाठी और डंडे होने का आरोप लगाया गया है।
इस हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
साढ़े 10 किल्ले जमीन को लेकर चल रहा था विवाद, पांच साल पहले BSNL से रिटायर हुए थे रामेश्वर
रामेश्वर के भतीजे सोनू ने बताया कि उनके चाचा BSNL में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे।
करीब 5 साल पहले वह नौकरी से रिटायर हुए थे।
रिटायरमेंट के बाद रामेश्वर ने अपने खेत में एक मंदिर बनवाया था और पूजा-पाठ करने लगे थे।
सोनू के अनुसार, रामेश्वर के पास करीब साढ़े 10 किल्ले जमीन है। इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
परिवार का कहना है कि 11 अक्टूबर को दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा खेत में धान की फसल काटे जाने की सूचना मिलने के बाद रामेश्वर वहां पहुंचे थे।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और रामेश्वर तथा उनके बेटे पर हमला कर दिया गया।
गन्ने के खेत से निकले लोगों पर कुल्हाड़ी और फरसे से हमला करने का आरोप
परिजनों के अनुसार, रामेश्वर और उनके बेटे ओमदत्त जब खेत में पहुंचे तो वहां पहले से धान की फसल काटी जा रही थी।
फसल काटने का विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
सोनू का आरोप है कि इसी दौरान गन्ने के खेत से कई लोग बाहर निकले और उन्होंने पिता-पुत्र पर हथियारों से हमला कर दिया।
हमले में कुल्हाड़ी, फरसे, लाठी और डंडों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
घटना में रामेश्वर और ओमदत्त दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे।
रामेश्वर का इलाज चल रहा था, लेकिन वह चोटों से उबर नहीं सके और 16 दिन बाद उनकी मौत हो गई।
रामेश्वर की मौत के बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और तेज कर दी है।
हमले का वीडियो भी आया सामने, नकाबपोश लोग कार पर हथियारों से वार करते दिखाई दिए
11 अक्टूबर की घटना के बाद हमले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था।
परिवार के अनुसार, यह वीडियो घटना के दौरान कार में मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड किया था।
वीडियो में कुछ नकाबपोश लोग कार पर कुल्हाड़ी और अन्य हथियारों से वार करते दिखाई दे रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने यह वीडियो पुलिस को सौंप दिया है।
पुलिस इस वीडियो के साथ ही अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका को लेकर पुलिस जांच जारी है।
परिवार का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
12 अक्टूबर को पुलिस को मिली थी शिकायत, आठ लोगों को किया गया नामजद
डीएसपी नायब सिंह के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था।
पुलिस को इस मामले में 12 अक्टूबर को शिकायत मिली थी।
शिकायत के आधार पर 8 लोगों को नामजद किया गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब तक 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बाकी नामजद आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रामेश्वर की मौत के बाद परिवार की नाराजगी को देखते हुए पुलिस अधिकारी परिजनों से लगातार बातचीत कर रहे हैं।
पोस्टमॉर्टम हाउस में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, भतीजा सोनू परिवार को संभालता दिखा
रामेश्वर की मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमॉर्टम हाउस में मौजूद महिला परिजन विलाप करती नजर आईं।
इस दौरान मृतक का भतीजा सोनू अपनी बुआ को संभालता दिखाई दिया।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि 11 अक्टूबर को हुए हमले के बाद से ही वे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रामेश्वर की मौत के बाद उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग उठाई है।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
रामेश्वर की मौत के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ परिजनों को समझाने की चुनौती भी बनी हुई है।
डीएसपी नायब सिंह के अनुसार, मामले में आठ लोग नामजद हैं और इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि बाकी आरोपी भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
इसके बावजूद परिजन आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़े हुए हैं।
मौके पर मौजूद पुलिस टीमें परिवार को समझाने और स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही हैं।
16 दिन इलाज के बाद रामेश्वर की मौत, परिवार को अब बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार
11 अक्टूबर को खेत में धान की फसल काटने से जुड़े विवाद के दौरान घायल हुए रामेश्वर की 16 दिन बाद मौत हो गई।
इस घटना में उनका बेटा ओमदत्त भी गंभीर रूप से घायल हुआ था।
पुलिस ने आठ लोगों को नामजद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
रामेश्वर की मौत के बाद परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया और अपनी मांग को लेकर अंबेडकर चौक पहुंच गया।
फिलहाल पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार की मांग और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
Akhil Mahajan