मुंबई के कैंसर स्पेशलिस्ट का झांसा, सिरिंज दिखाकर 5 लाख कैश ले गए; हरियाणा में डॉक्टर बनकर घर में घुसे आरोपी

पंचकूला में दो आरोपी डॉक्टर बनकर कारोबारी के घर घुसे और कैंसर इलाज का झांसा देकर पत्नी को सिरिंज से डराया। दोनों 5 लाख रुपए कैश ले गए।

मुंबई के कैंसर स्पेशलिस्ट का झांसा, सिरिंज दिखाकर 5 लाख कैश ले गए; हरियाणा में डॉक्टर बनकर घर में घुसे आरोपी

➤ पंचकूला में डॉक्टर बनकर कारोबारी के घर घुसे दो आरोपी, कैंसर इलाज का झांसा देकर 5 लाख कैश ले गए
➤ पत्नी को नशीला पदार्थ सुंघाकर सिरिंज दिखाते हुए डराया, मुंबई का कैंसर स्पेशलिस्ट आने का किया था दावा
➤ CCTV में बैग लेकर घर में घुसते और निकलते दिखे आरोपी, पुलिस मोबाइल नंबरों से पहचान में जुटी


हरियाणा के पंचकूला में रियल एस्टेट कारोबारी को मुंबई का कैंसर स्पेशलिस्ट आने का झांसा देकर दो आरोपी उसके घर में घुस गए। दोनों ने खुद को डॉक्टर बताया और कारोबारी की कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज का भरोसा दिलाया। इसके बाद आरोपियों ने दंपती को कथित तौर पर कोई नशीला पदार्थ सुंघाया और सिरिंज दिखाकर डराते हुए 5 लाख रुपए कैश ले लिए।

घटना पंचकूला के सेक्टर-10 की है। पीड़ित कारोबारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक, उनकी पत्नी रेणु गुप्ता के बाएं हाथ में कैंसर है। करीब दो महीने पहले इलाज के लिए जाते समय बस में उनकी मुलाकात मनोज मेहरा नाम के युवक से हुई थी। मनोज ने दावा किया कि मुंबई से एक बड़ा डॉक्टर आता है, जो उनकी पत्नी का इलाज कर कैंसर ठीक कर देगा।

मामले का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें दोनों आरोपी अच्छी तरह कपड़े पहने हुए और हाथ में बैग लिए दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य फुटेज में दोनों घर के बाहर गली में खड़े नजर आ रहे हैं। ठगी के बाद दोनों आरोपी घर से निकल गए।

राजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के साथ उनके मोबाइल नंबरों के जरिए भी उन्हें ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।

दंपति से ठगी करने के बाद हाथों में बैग लेकर घर से निकलते आरोपी।

बस में हुई पहली मुलाकात से शुरू हुई पूरी कहानी

राजेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी रेणु गुप्ता के बाएं हाथ में कैंसर है। करीब दो महीने पहले वे इलाज के लिए जा रहे थे। इसी दौरान बस में उनकी मुलाकात मनोज मेहरा नाम के युवक से हुई।

मनोज ने उन्हें बताया कि मुंबई से एक बड़ा डॉक्टर आता है, जो उनकी पत्नी का इलाज कर कैंसर को ठीक कर देगा। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए रेणु गुप्ता ने अपना मोबाइल नंबर उसके साथ एक्सचेंज कर लिया।

इसके बाद मनोज लगातार उनके संपर्क में रहा। वह इलाज के नाम पर उनसे बातचीत करता रहा और उन्हें विश्वास दिलाता रहा कि मुंबई का विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी पत्नी का इलाज कर सकता है।

डॉक्टर के आने से पहले आरोपी ने रखी थी खास शर्त

राजेंद्र के अनुसार, बातचीत के दौरान मनोज ने एक शर्त रखी। उसने कहा कि जिस दिन डॉक्टर उनके घर आएंगे, उस समय परिवार के अलावा कोई अन्य व्यक्ति घर में मौजूद नहीं होना चाहिए

इसी योजना के तहत 25 जून 2026 की सुबह 9 बजे मनोज अपने एक साथी के साथ राजेंद्र गुप्ता के घर पहुंचा। दोनों आरोपियों ने खुद को डॉक्टर बताया और कैंसर के इलाज के नाम पर घर में दाखिल हुए।

घर में पहुंचने के बाद दोनों ने इलाज से जुड़ी बातें शुरू कीं। इसके बाद घटनाक्रम अचानक बदल गया।

नशीला पदार्थ सुंघाया और सिरिंज दिखाकर डराने लगे

राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद आरोपियों ने इलाज के नाम पर दंपती को कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद दोनों मानसिक रूप से भ्रमित हो गए।

आरोपियों ने इसके बाद इंजेक्शन की सिरिंज निकाल ली और उसे दिखाकर दंपती को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। इसी दौरान उनसे 5 लाख रुपए की मांग की गई।

राजेंद्र का कहना है कि उस समय वह अपना होश खो चुके थे और ठीक से समझ नहीं पा रहे थे कि उनके साथ क्या हो रहा है।

चेक से भुगतान की बात कही, लेकिन आरोपी कैश पर अड़े

राजेंद्र गुप्ता ने आरोपियों से कहा कि वह उन्हें चेक से भुगतान कर सकते हैं। लेकिन आरोपी इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने सिरिंज दिखाकर तत्काल 5 लाख रुपए कैश देने के लिए दबाव बनाया।

राजेंद्र के अनुसार, इसके बाद उन्होंने आरोपियों को 5 लाख रुपए नकद दे दिए। रकम लेने के बाद दोनों ने कहा कि वे दो दिन बाद फोन करेंगे और वहां से निकल गए।

लेकिन इसके बाद जब राजेंद्र और उनके परिवार ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो दोनों के मोबाइल नंबर बंद आने लगे। इससे उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

CCTV में बैग लेकर घर में आते-जाते दिखे दोनों आरोपी

इस मामले में सामने आए CCTV फुटेज में दोनों आरोपी दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में दोनों वेल ड्रेस्ड नजर आ रहे हैं और उनके हाथों में बैग हैं।

एक फुटेज में दोनों घर के बाहर गली में खड़े दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे फुटेज में दोनों दंपती से ठगी करने के बाद बैग लेकर घर से निकलते नजर आ रहे हैं। पुलिस अब इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

CCTV फुटेज पुलिस जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे आरोपियों के हुलिए और उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

मोबाइल नंबरों से भी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश

राजेंद्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

इसके साथ ही आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों के जरिए भी उन्हें ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की पहचान करने के बाद उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने कारोबारी के परिवार को किस तरह अपने झांसे में लिया और घटना को कैसे अंजाम दिया।