यूनिवर्सिटी में JJP नेताओं और CSO में बहस

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में JJP नेताओं और CSO के बीच FIR को लेकर तीखी बहस हुई। नेताओं ने VC ऑफिस के गेट बंद करने का आरोप लगाया और FIR रद्द करने की मांग उठाई।

यूनिवर्सिटी में JJP नेताओं और CSO में बहस

FIR को लेकर JJP नेताओं और CSO में तीखी बहस, यूनिवर्सिटी में हंगामा
नेताओं का आरोप—VC ऑफिस के गेट बंद कर रोका, CSO पर कार्रवाई की मांग
7 अप्रैल के प्रोग्राम में तोड़फोड़ के बाद दर्ज हुई FIR, रद्द करने की मांग तेज


कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में गुरुवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता डॉ. जसविंद्र खैहरा अपने समर्थकों के साथ वाइस चांसलर को ज्ञापन देने पहुंचे। यह पूरा मामला दिग्विजय चौटाला समेत अन्य नेताओं पर दर्ज FIR को लेकर है।

यूनिवर्सिटी पहुंचते ही JJP नेताओं की चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (CSO) आनंद कुमार से तीखी बहस हो गई। नेताओं ने सवाल उठाया कि उनका नाम FIR में क्यों डाला गया, जिस पर CSO ने वीडियो सबूत और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच माहौल गरमा गया और नारेबाजी शुरू हो गई।


“शक्ल देखकर गेट बंद किया” — JJP नेताओं का आरोप

विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब JJP नेताओं ने आरोप लगाया कि VC कार्यालय के गेट उनके पहुंचते ही बंद कर दिए गए। नेताओं का कहना है कि उन्हें जानबूझकर अंदर नहीं जाने दिया गया और CSO ने उनका ज्ञापन लेने से भी इनकार कर दिया

हालांकि बाद में मौके पर पहुंचे रजिस्ट्रार विरेंद्र पाल सिंह ने स्थिति को संभाला और नेताओं से ज्ञापन लिया। उन्होंने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया।


7 अप्रैल के प्रोग्राम से शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद 7 अप्रैल को डॉ. आरके सदन में हुए एक कार्यक्रम से जुड़ा है। CSO के मुताबिक, यह प्रोग्राम नशा मुक्त जागरूकता और युवाओं की भागीदारी के नाम पर बुक कराया गया था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक भाषण दिए गए और माहौल बिगड़ गया।

CSO का आरोप है कि कार्यक्रम में बाहरी लोगों की एंट्री करवाई गई, जिससे हालात बिगड़े और करीब 80 कुर्सियां तोड़ी गईं तथा अन्य यूनिवर्सिटी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।


“सिक्योरिटी थी तो तोड़फोड़ कैसे हुई?” — JJP का पलटवार

JJP नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यक्रम के लिए 42 हजार रुपए बुकिंग और 25 हजार रुपए सिक्योरिटी के दिए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर सिक्योरिटी थी, तो तोड़फोड़ कैसे हुई

नेताओं का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात कर नुकसान की भरपाई करने पर सहमति भी दे दी थी, फिर भी FIR दर्ज करना गलत है।


पुलिस तक पहुंचा मामला, FIR रद्द करने की मांग

मामले को लेकर JJP नेताओं ने SP चंद्रमोहन से भी मुलाकात की और FIR रद्द करने की मांग उठाई। साथ ही CSO के खिलाफ कार्रवाई और सस्पेंशन की मांग भी रखी गई।

फिलहाल मामला राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का रूप ले चुका है और यूनिवर्सिटी परिसर में इसको लेकर माहौल गरमाया हुआ है।