कोहली के घर नहीं मिला अवैध कब्जा
गुरुग्राम में DTPE की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई से पॉश कॉलोनियों में हड़कंप मच गया। पार्षद ऑफिस पर बुलडोजर चला, जबकि विराट कोहली के घर बाहर कोई अवैध कब्जा नहीं मिला।
पॉश कॉलोनियों में DTPE की कार्रवाई से मचा हड़कंप
■ BJP पार्षद के ऑफिस के बाहर वाटर कूलर और टंकी तोड़ी गई
■ Virat Kohli के घर के बाहर नहीं मिला कोई अवैध निर्माण
गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानिंग इंफोर्समेंट (DTPE) की टीमें लगातार बुलडोजर के साथ कार्रवाई कर रही हैं। डीएलएफ-1 और डीएलएफ-2 जैसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में कोठियों के बाहर बने रैंप, सीढ़ियां, ग्रीन बेल्ट और अन्य अवैध निर्माण को हटाया जा रहा है। इस कार्रवाई से स्थानीय रेजिडेंट्स और आरडब्ल्यूए में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कार्रवाई के दौरान BJP पार्षद ज्योत्सना विपिन यादव के घर और कार्यालय के बाहर लगाए गए वाटर कूलर और पानी की टंकी को भी तोड़ दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति लगाया गया था, जो अवैध कब्जे की श्रेणी में आता है। इसलिए इसे हटाया गया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
इसी अभियान के तहत जब टीम डीएलएफ-1 स्थित क्रिकेटर Virat Kohli के बंगले के बाहर पहुंची, तो वहां किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण नहीं मिला। करीब 80 करोड़ रुपए की इस प्रॉपर्टी के बाहर कोई उल्लंघन नहीं पाए जाने के कारण टीम ने वहां कोई तोड़फोड़ नहीं की।
DTPE अधिकारी अमित मधोलिया के नेतृत्व में कुल 8 टीमें शहर की अलग-अलग लाइसेंसी कॉलोनियों में अभियान चला रही हैं। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू की गई है, जिसमें S+4 (स्टिल्ट प्लस फोर) नीति के तहत अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे।
अभियान के दौरान अब तक 300 से अधिक गार्ड रूम, 250 से ज्यादा रैंप और सीढ़ियां, और 110 से अधिक अवैध गेट हटाए जा चुके हैं। इसके अलावा पार्क और ग्रीन एरिया पर किए गए कब्जों को भी हटाया गया है।
हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर लोगों ने विरोध जताया है। रेजिडेंट्स का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सभी नियमों का पालन करते हुए नोटिस जारी किए गए थे और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
pooja