हरियाणा CIA की रेड के दौरान युवक की मौत, परिवार ने पुलिस पर लगाए टॉर्चर के आरोप
हिसार में CIA की रेड के दौरान युवक की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया। परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने आरोपों को खारिज कर दिया।
➤ हांसी CIA की रेड के दौरान युवक की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
➤ परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाकर अस्पताल के बाहर किया हंगामा
➤ एसपी बोले- युवक पुलिस कस्टडी में नहीं था, पुलिस की कोई गलती नहीं
हरियाणा के हिसार जिले में हांसी CIA की कार्रवाई के दौरान एक युवक की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर हंगामा किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार हांसी CIA की टीम नशा तस्करी की सूचना के आधार पर जगदीश कॉलोनी में रेड करने पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि टीम को देखकर 25 वर्षीय संदीप ने कथित तौर पर कोई नशीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवक को पहले हांसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे हिसार रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। हिसार स्थित शांति मिशन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की सूचना मिलते ही संदीप के परिजन अस्पताल पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया। परिवार का आरोप है कि पुलिस दोपहर में संदीप को घर से अपने साथ ले गई थी और बाद में मौत की सूचना दी गई। परिजनों का कहना है कि पुलिस की प्रताड़ना के कारण ही उनके बेटे की जान गई है।
मृतक के चाचा रामफल और फूफा बलबीर ने बताया कि करीब सात पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे और संदीप को अपने साथ ले गए थे। शाम को फोन कर परिवार को उसकी मौत की जानकारी दी गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जब युवक को अस्पताल लाया गया तब उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल के प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि युवक के शरीर पर प्रथम दृष्टया किसी प्रकार के चोट के निशान दिखाई नहीं दिए।
मृतक संदीप शादीशुदा था और दो छोटे बच्चों का पिता था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं, हांसी एसपी विनोद कुमार ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि युवक पुलिस कस्टडी में नहीं था और उसकी मौत में पुलिस की कोई गलती नहीं है। पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही थी और इसी सिलसिले में कार्रवाई की गई थी।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस और परिजनों के दावे अलग-अलग हैं। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
Akhil Mahajan