भारी बारिश से शिमला में जल संकट, अब तीसरे दिन मिलेगी पानी की सप्लाई
भारी बारिश के बाद सतलुज पेयजल परियोजना बंद होने और अन्य योजनाओं में गाद आने से शिमला की जलापूर्ति प्रभावित हुई है। लोगों को अब एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा।
भारी बारिश के बाद शिमला में जलापूर्ति प्रभावित, अब तीसरे दिन मिलेगा पानी
सतलुज परियोजना का ट्रांसफार्मर खराब, 42 एमएलडी पानी की सप्लाई ठप
जल प्रबंधन निगम की अपील- पानी उबालकर पिएं, 2-3 दिन में बहाली की उम्मीद
शिमला। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राजधानी शिमला की जलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। सतलुज पेयजल परियोजना बंद होने और गिरि व गुम्मा पेयजल परियोजनाओं में गाद आने के कारण शहर में पानी की उपलब्धता घट गई है। ऐसे में अब शहरवासियों को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी।
सतलुज वाटर सप्लाई स्कीम के दूसरे चरण में स्थित दवाडा पंपिंग स्टेशन का ट्रांसफार्मर खराब होने से बीते तीन दिनों से परियोजना बंद पड़ी है। इसके कारण शहर को मिलने वाला करीब 42 एमएलडी पानी प्रभावित हुआ है। वहीं लगातार बारिश के चलते गिरि और गुम्मा परियोजनाओं में गाद आने से वहां भी पंपिंग कार्य प्रभावित हो गया है।
जल प्रबंधन निगम के अनुसार शिमला की रोजाना 48 से 50 एमएलडी पानी की जरूरत होती है, लेकिन मौजूदा समय में केवल 35 से 40 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसी कमी के चलते निगम को शहर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करने का निर्णय लेना पड़ा है।
निगम ने बताया कि बिजली बोर्ड की ओर से बैकअप ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगले दो से तीन दिनों में जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। तब तक लोगों से पानी का सीमित और सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की गई है।
एसजेपीएनएल ने बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। निगम ने कहा कि पानी का शोधन आधुनिक तकनीक और क्लोरीनेशन के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से बच्चों, बुजुर्गों और सभी नागरिकों को पानी उबालकर ही पीना चाहिए।
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