धर्मेंद्र प्रधान संग फोटो पर ट्रोल हुए मासूम शर्मा के भाई, बोले- मंत्री का क्या कसूर?

धर्मेंद्र प्रधान के साथ फोटो साझा करने पर हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा के भाई विकास शर्मा सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में दोषियों पर कार्रवाई हो रही है, मंत्री का क्या कसूर।

धर्मेंद्र प्रधान संग फोटो पर ट्रोल हुए मासूम शर्मा के भाई, बोले- मंत्री का क्या कसूर?

धर्मेंद्र प्रधान के साथ फोटो पोस्ट करने पर मासूम शर्मा के भाई विकास शर्मा ट्रोल

यूजर्स ने इस्तीफे और छात्र आंदोलन को लेकर किए तीखे कमेंट

विकास शर्मा बोले- पेपर लीक में शिक्षा मंत्री का क्या कसूर, दोषियों पर हो कार्रवाई


हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा के भाई विकास शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ तस्वीर साझा करने और उनके समर्थन में लिखी गई पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। यूजर्स ने पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रियाएं देते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NEET पेपर लीक मामले को लेकर सवाल उठाए।

विकास शर्मा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर धर्मेंद्र प्रधान के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि केंद्रीय मंत्री ने पिछले चार दशकों से छात्रों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति के हित में लगातार काम किया है। उन्होंने यह भी लिखा कि सरकार पेपर लीक के सभी दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए कार्रवाई कर रही है।

पोस्ट सामने आने के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने कमेंट कर विरोध जताया। किसी ने लिखा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए था, तो किसी ने उन्हें "चमचा" तक कह दिया। कई यूजर्स ने लिखा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

विवाद बढ़ने पर जींद के ब्राह्मणवास गांव निवासी विकास शर्मा ने अपनी सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया खुद नहीं चलाते और इसके लिए अलग व्यक्ति रखा हुआ है। उनके अनुसार देश में करोड़ों लोग हैं और हर कोई अपनी राय रख सकता है, लेकिन वह हर टिप्पणी नहीं पढ़ते।

विकास शर्मा ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी गलती करता है तो उसका दोष सीधे विभागाध्यक्ष पर नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई पटवारी या ग्राम सचिव भ्रष्टाचार करता है तो उसके लिए डीसी जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है। उसी तरह पेपर लीक के मामले में भी दोषियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्रवाई चल रही है। उन्होंने सवाल किया कि इसमें शिक्षा मंत्री का क्या दोष है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरा मामला राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और उन्हें शिक्षा मंत्री के समर्थन में अपनी बात रखने में कोई आपत्ति नहीं है।

दूसरी ओर जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान हरियाणा के कई कलाकार खुलकर छात्रों के समर्थन में सामने आए। लेखक एवं कलाकार मुकेश जाजी ने कहा कि सरकार के खिलाफ नहीं तो कम से कम छात्रों के पक्ष में बोलने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हर व्यक्ति का स्वैच्छिक फैसला है कि वह किसका समर्थन करता है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उठ रहा है कि अब तक मासूम शर्मा ने छात्र आंदोलन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हाल ही में आयोजित एक बैठक में भी वह स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद कुछ छात्र संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनसे आंदोलन पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की है।

कुछ छात्राओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें वे कह रही हैं कि जब मासूम शर्मा की फिल्म रिलीज हुई थी, तब छात्रों ने उनका भरपूर समर्थन किया था। अब शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर उन्हें भी छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए।

गौरतलब है कि इससे पहले गन कल्चर से जुड़े कई गाने हटाए जाने के मामले में मासूम शर्मा स्वयं सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर सरकार के खिलाफ अपनी बात रखते रहे थे। उस समय उन्हें लोगों का व्यापक समर्थन मिला था। मौजूदा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर उनकी चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।