हरियाणा एग्री डिस्कॉम की तैयारियां तेज, दीपक पोपली बने नोडल अधिकारी

हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन के बाद प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपक पोपली को नोडल अधिकारी बनाया गया है और 15 अगस्त 2026 तक संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

हरियाणा एग्री डिस्कॉम की तैयारियां तेज, दीपक पोपली बने नोडल अधिकारी

हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन के बाद प्रशासनिक तैयारियां तेज, दीपक पोपली बने नोडल अधिकारी

कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग बिजली वितरण व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम

15 अगस्त 2026 तक संचालन शुरू करने का लक्ष्य, 3600 कर्मचारियों का होगा स्ट्रक्चर

हरियाणा सरकार की ओर से राज्य की तीसरी बिजली वितरण कंपनी हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। नई कंपनी को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इसी कड़ी में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने वरिष्ठ अधिकारी दीपक पोपली को एग्री डिस्कॉम योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। दोनों बिजली निगमों द्वारा जारी आदेशों के अनुसार वह योजना के कार्यान्वयन, मॉनिटरिंग और प्रगति समीक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

दीपक पोपली वर्तमान में मुख्य अभियंता (वाणिज्य), UHBVN पंचकूला के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें फील्ड स्तर पर योजना की निगरानी के साथ-साथ आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने का दायित्व सौंपा गया है।

हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए अलग बिजली वितरण व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से हरियाणा एग्री डिस्कॉम बनाने का निर्णय लिया है। नई कंपनी का मुख्य उद्देश्य कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है।

वर्तमान में राज्य के किसानों को अत्यंत रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए सरकार हर वर्ष लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी वहन करती है। नई व्यवस्था के जरिए कृषि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को और अधिक व्यवस्थित तथा पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

नई कंपनी राज्यभर के कृषि फीडरों और कृषि उपभोक्ताओं का प्रबंधन करेगी। इसके अंतर्गत ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करना, ट्रांसफार्मर बदलना, बिजली आपूर्ति में सुधार, मीटरिंग, बिलिंग, शिकायत निवारण और राजस्व प्रबंधन जैसे कार्य शामिल होंगे।

सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से किसानों को अधिक भरोसेमंद बिजली सेवा मिलेगी। साथ ही बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

योजना के तहत कृषि फीडरों की निगरानी, ऊर्जा लेखांकन और बिजली आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत संचालित सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी इस नई व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई कंपनी को संचालित करने के लिए करीब 3,100 से 3,600 कर्मचारियों की जरूरत होगी। इन कर्मचारियों को मौजूदा बिजली निगमों से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा कृषि श्रेणी से जुड़े करीब 166.82 करोड़ रुपए के बकाया और लगभग 5,427 करोड़ रुपए की देनदारियां भी नए निगम को हस्तांतरित की जाएंगी।

सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर 15 अगस्त 2026 तक हरियाणा एग्री डिस्कॉम का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।