मोदी ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड, बने सबसे लंबे समय तक रहने वाले इलेक्टेड पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4399 दिन पूरे कर जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और लगातार सबसे लंबे समय तक रहने वाले इलेक्टेड प्रधानमंत्री बन गए हैं।
➤ नरेंद्र मोदी ने इलेक्टेड प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
➤ मोदी ने 4399 दिन पूरे किए, नेहरू 4398 दिन तक रहे थे इलेक्टेड पीएम
➤ कुल कार्यकाल में अब भी नेहरू 6131 दिनों के साथ सबसे आगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मोदी अब देश के ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने चुनाव जीतकर लगातार सबसे ज्यादा दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला है। उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
बतौर इलेक्टेड प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 4398 दिन तक प्रधानमंत्री रहे थे। वहीं नरेंद्र मोदी ने अब 4399 दिन पूरे कर लिए हैं और इस आंकड़े को पार कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस उपलब्धि के साथ मोदी भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक विशेष स्थान पर पहुंच गए हैं।
हालांकि कुल कार्यकाल की बात करें तो जवाहरलाल नेहरू अब भी सबसे आगे हैं। नेहरू 15 अगस्त 1947 से देश के प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन 1952 में पहले आम चुनाव होने तक वह निर्वाचित प्रधानमंत्री नहीं थे। यदि उस अवधि को भी जोड़ा जाए तो नेहरू का कुल कार्यकाल 6131 दिन का रहा था।
नरेंद्र मोदी पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी जीत हासिल कर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए, जिनका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और सामाजिक योजनाओं पर दिखाई दिया।
मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को कई प्रमुख अध्यायों में देखा जाता है। इनमें डिजिटल इंडिया, जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जीएसटी लागू करना, अनुच्छेद 370 हटाना, राम मंदिर निर्माण, कोविड प्रबंधन, जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी, वंदे भारत ट्रेनें और बुनियादी ढांचे का विस्तार जैसे बड़े कदम शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार तीन बार केंद्र की सत्ता में वापसी और लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने रहना भारतीय राजनीति में बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। ऐसे में नेहरू के इस रिकॉर्ड को पार करना मोदी के राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
Akhil Mahajan