WORLD MEDIA में सरकार की किरकिरी! जानें क्‍या कह रहा विदेशी मीडिया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर BBC, CNN, The Guardian, New York Times, Al Jazeera और Dawn समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने प्रमुख कवरेज दी। जानिए किस मीडिया संस्थान ने क्या लिखा।

WORLD MEDIA में सरकार की किरकिरी! जानें क्‍या कह रहा विदेशी मीडिया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को BBC, CNN, NYT, गार्डियन और अल जजीरा ने प्रमुखता से प्रकाशित किया
कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने इसे छात्र आंदोलन और जनदबाव से जोड़कर देखा
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने आंदोलन, सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक असर पर अलग-अलग विश्लेषण पेश किए


नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह मामला अब केवल देश तक सीमित नहीं रहा। दुनिया के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस घटनाक्रम को अपनी प्रमुख खबरों में शामिल किया है। BBC, The Guardian, The New York Times (NYT), CNN, Al Jazeera और Dawn ने अपने-अपने विश्लेषण में छात्र आंदोलन, सरकार की प्रतिक्रिया और इस्तीफे के राजनीतिक महत्व पर अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं।

BBC ने अपने विश्लेषण में लिखा कि सरकार ने छात्र आंदोलन के प्रभाव का सही आकलन नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती दौर में आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन बाद में विरोध बढ़ने और पुलिस कार्रवाई के बाद सरकार पर दबाव बढ़ता गया। BBC ने यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में बड़े आंदोलनों के सामने सरकार का झुकना कम देखने को मिला है।

The Guardian ने इसे सार्वजनिक दबाव के बीच हुआ महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाओं में से एक माना जा रहा है और आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारियों में जश्न का माहौल देखने को मिला।

The New York Times ने अपनी रिपोर्ट में छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि, विरोध प्रदर्शनों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक पहुंचे घटनाक्रम का उल्लेख किया। रिपोर्ट में आंदोलन के विस्तार और छात्रों की प्रमुख मांगों का भी जिक्र किया गया।

Al Jazeera ने इसे हाल के वर्षों के बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बताते हुए लिखा कि आंदोलन ने परीक्षा प्रणाली, जवाबदेही और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया।

CNN ने अपनी रिपोर्ट में छात्र आंदोलन के विस्तार, युवाओं की भागीदारी और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा की। रिपोर्ट में कहा गया कि आंदोलन ने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ युवाओं की व्यापक चिंताओं को भी सामने रखा।

Dawn ने अपने विश्लेषण में लिखा कि इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया और जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त होने की घोषणा की गई।