प्रह्लाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की कमान

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

प्रह्लाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की कमान

राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मंत्रालय में पहली बड़ी जिम्मेदारी का फैसला


नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शनिवार को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद जारी अधिसूचना में कहा गया कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

प्रह्लाद जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब वह अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के कामकाज और नीतिगत फैसलों की भी जिम्मेदारी निभाएंगे।

प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले जोशी लंबे समय से भाजपा संगठन और केंद्र सरकार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

दो दिन पहले ही लोकसभा में प्रह्लाद जोशी ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उधर, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होने की शुरुआत है।