खाप का बड़ा फैसला: गन कल्चर और अश्लीलता पर होगा सामाजिक बहिष्‍कार

रोहतक के महम चौबीसी चबूतरे पर हुई उत्तर भारत की महापंचायत में खाप पंचायतों ने हुक्का संस्कृति को धीरे-धीरे खत्म करने, नशे और अश्लील कंटेंट के खिलाफ सामाजिक अभियान चलाने का फैसला लिया।

खाप का बड़ा फैसला: गन कल्चर और अश्लीलता पर होगा सामाजिक बहिष्‍कार

उत्तर भारत की महापंचायत में नशा और अश्लील कंटेंट के खिलाफ बड़ा फैसला
सर्वखाप बोली- नियम तोड़ने वालों पर होगी सामाजिक कार्रवाई, हुक्का भी धीरे-धीरे होगा बंद
सिंगर अजय हुड्डा बोले- मैं भी दूध का धुला नहीं, अब गलतियां सुधारनी होंगी


रोहतक। हरियाणा की खाप पंचायतों ने सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हुक्का संस्कृति को धीरे-धीरे समाप्त करने और अश्लील कंटेंट व नशे के खिलाफ अभियान चलाने का फैसला किया है। शनिवार को रोहतक के महम चौबीसी चबूतरे पर आयोजित उत्तर भारत की महापंचायत में विभिन्न खापों, सामाजिक संगठनों और हरियाणवी कलाकारों ने इस पहल का समर्थन किया।

चौबीसी खाप के प्रधान सुभाष गोयत ने कहा कि पंचायत ने तय किया है कि समाज में नशे और अश्लीलता को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समय के साथ खाप पंचायतों से हुक्का हटाने का भी प्रयास किया जाएगा।

महापंचायत की शुरुआत 8 वर्षीय अवनि ने की। इस दौरान हरियाणवी कलाकार अजय हुड्डा, वीर साहू, देव कुमार देवा और रमकेश जीवनपुरिया सहित कई कलाकार मौजूद रहे। कलाकारों ने सार्वजनिक मंच से समाज में फैल रहे अश्लील कंटेंट पर चिंता जताई और सुधार का भरोसा दिलाया।

अजय हुड्डा ने कहा कि वह खुद को पूरी तरह निर्दोष नहीं मानते। उन्होंने स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में काम करते समय गलतियां हुई होंगी, लेकिन अब समय उन्हें सुधारने का है। उन्होंने समाज और कलाकारों दोनों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

वहीं देव कुमार देवा ने कहा कि केवल कलाकारों को दोष देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आयोजकों और दर्शकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अश्लील कार्यक्रमों को बढ़ावा न दें। यदि ऐसे कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे तो अश्लीलता अपने आप कम हो जाएगी।

वीर साहू ने कहा कि खाप केवल परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से खाप से जुड़ने और सामाजिक सुधार के अभियान में भाग लेने की अपील की।

पंचायत में यह भी कहा गया कि हरियाणवी संस्कृति की गरिमा बनाए रखने और युवाओं को नशे तथा अश्लीलता से दूर रखने के लिए भविष्य में ऐसे सामाजिक अभियान लगातार चलाए जाएंगे।